एकबार फिर से मूसाखाड़ और चंद्रप्रभा बांध से छोड़ा गया पानी, जिले की नदियों में दिखा उफान तो प्रशासन अलर्ट
चकिया-नौगढ़ में मूसलधार बारिश से बांध लबालब
मूसाखाड़ और चंद्रप्रभा बांध से पानी छोड़ा गया
नदियों में उफान, तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा
प्रशासन ने जारी किया हाई अलर्ट
बाढ़ चौकियां सक्रिय
चंदौली जिले के चकिया और नौगढ़ क्षेत्र में पिछले दो दिनों से लगातार हुई मूसलधार बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से छोड़े गए पानी के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। मूसाखाड़ और चंद्रप्रभा बांध से पानी छोड़े जाने के बाद निचले इलाके के तटवर्ती गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। जिला प्रशासन ने ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए अलर्ट जारी किया और बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया।
मूसाखाड़ और चंद्रप्रभा बांध से पानी छोड़ा गया
पिछले 24 घंटे में चकिया और नौगढ़ के पहाड़ी क्षेत्रों में लगभग 35 मिलीमीटर बारिश हुई, जिससे बांधों की जलधारण क्षमता पूरी तरह भर गई। सुरक्षा और जल प्रबंधन के कारण मूसाखाड़ और चंद्रप्रभा बांध से क्रमशः 4000 क्यूसेक और 3,092 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। मुजफ्फरपुर बीयर से 5,248 क्यूसेक पानी चंद्रप्रभा नदी में छोड़ा गया, जबकि लतीफशाह बीयर से 2064 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
नदियों में उफान और तटवर्ती इलाकों में खतरा
जलस्तर वृद्धि के कारण चंद्रप्रभा और कर्मनाशा नदियों में उफान आया है। निचले इलाकों के गांवों में पानी भरने लगा है। प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क किया और सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने का सुझाव दिया। यदि बारिश और अधिक होती है, तो बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है।
सिंचाई विभाग की तत्परता
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार और तकनीकी दल लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने बताया कि मूसाखाड़ बांध का जलस्तर 355 फीट, नौगढ़ बांध का 896 फीट और चंद्रप्रभा बांध का 3,092 क्यूसेक के स्तर पर नियंत्रित किया जा रहा है। विभाग ने इमरजेंसी कर्मचारियों की तैनाती कर दी है और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी के लिए चौकियां बनाई गई हैं।
ग्रामीण प्रभावित, किसानों की फसल संकट में
चंद्रप्रभा और कर्मनाशा नदियों के किनारे बसे गांवों में बाढ़ की स्थिति ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। नगई गांव में पानी घुसने से लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। किसानों का कहना है कि यदि जलस्तर और बढ़ा तो धान की फसल बर्बाद हो सकती है, जिससे उनकी आमदनी पर भी असर पड़ेगा।
तटवर्ती क्षेत्रों में अलर्ट जारी
उपजिलाधिकारी विनय कुमार मिश्र ने बताया कि जिला प्रशासन और पुलिस लगातार अलर्ट पर हैं। तटवर्ती गांवों में लोगों को सचेत किया गया है और बाढ़ चौकियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। आवश्यकतानुसार बचाव दल और रेस्क्यू टीमों को तैनात किया गया है।
बीते दिनों का जलस्तर
पिछले तीन दिनों में चंद्रप्रभा कैचमेंट (जल संग्रहण क्षेत्र) में अच्छी बारिश हुई। सोमवार की रात लगभग 30 मिलीमीटर बारिश के बाद मंगलवार तड़के 2,200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। दिन भर पानी की मात्रा बढ़ती रही और शाम तक 3,092 क्यूसेक पानी ओवरफ्लो होने लगा। मूसाखाड़ बांध से भी लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।
मूसाखाड़ बांध और भोका बंधी की स्थिति
भोका बंधी पूरी तरह से पानी से लबालब हो गई है। बांध की जलभंडारण क्षमता 7.2 एमसीएम है, जबकि ऊंचाई 15.3 मीटर तक पहुंच चुकी है। अवर अभियंता मनोज पटेल ने बताया कि छलका (स्थिलवे) से 23 सेंटीमीटर तक जलस्तर कम किया जा रहा है। इससे पानी तेजी से बाहर निकल रहा है, लेकिन यदि ओवरफ्लो की स्थिति बनेगी तो निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ जाएगा।
चंद्रप्रभा नदी में बढ़ता जलस्तर
नदी किनारे बसे गांवों में जलस्तर बढ़ने से कई लोग सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। किसानों की धान की फसल और अन्य फसलें खतरे में हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि बारिश और ज्यादा हुई तो नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है।
भविष्य की संभावना और प्रशासन की तैयारी
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगर बारिश जारी रही तो चंद्रप्रभा और कर्मनाशा नदियों में और उफान आ सकता है। प्रशासन ने सभी तटवर्ती गांवों के लोगों को सचेत रहने के निर्देश दिए हैं। बचाव दल, पुलिस और सिंचाई विभाग की टीमों को चौकियों में तैनात किया गया है।