नवहीं पेट्रोल पंप विवाद: तालाब और नाली की जमीन पर अतिक्रमण के आरोप

मझवार परगना के नायब तहसीलदार राजेन्द्र प्रसाद यादव पर किसानों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने जलाशय की खुदाई शुरू होने के बावजूद अचानक कार्य रोकवा दिया।
 

चंदौली सदर ब्लॉक में पेट्रोल पंप पर उठे सवाल

जलाशय और नाले की जमीन पाटकर संचालन का आरोप

खुदाई रोकने पर नायब तहसीलदार की भूमिका पर उठे सवाल

मीडिया से कुछ भी कहने से किया इनकार नायब तहसीलदार

चंदौली जिले के सदर विकास खण्ड के नवहीं क्षेत्र स्थित पेट्रोल पम्प एक बार फिर विवादों में घिर गया है। आरोप है कि यह पेट्रोल पम्प वर्षों से जलाशय और नाले को पाटकर अवैध रूप से संचालित हो रहा है। इससे न केवल सरकारी आदेशों की अवहेलना हुई है, बल्कि अन्नदाता किसानों की कई एकड़ उपजाऊ भूमि पर भी जलभराव का संकट मंडरा रहा है।

योगी सरकार द्वारा प्राकृतिक जलस्रोतों की सुरक्षा के सख्त निर्देश हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासनिक अमले पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। मझवार परगना के नायब तहसीलदार राजेन्द्र प्रसाद यादव पर किसानों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने जलाशय की खुदाई शुरू होने के बावजूद अचानक कार्य रोकवा दिया। इससे किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया।

किसानों का कहना है कि उन्होंने कई बार तहसील दिवस और वरिष्ठ अधिकारियों से इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन हर बार उन्हें निराशा हाथ लगी। अब फसल डूबने का खतरा और बढ़ गया है। दूसरी ओर, कानूनगो की टीम शुक्रवार को एसडीएम के निर्देश पर खुदाई करने गई थी लेकिन मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार रुकवा दिया ,जिससे  उनके संदिग्ध रवैया सवालों के घेरे में है।

किसानों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे मुख्यमंत्री दरबार तक जाएंगे। उनका कहना है कि उन्हें योगी सरकार पर पूरा भरोसा है और अंततः न्याय अवश्य मिलेगा। जबकि सदर एसडीएम द्वारा जलाशय की खुदाई के लिए टीम भेजी गई थी, फिर भी काम क्यों रोक दिया गया? यह मामला जांच का विषय बन गया है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रहा है।

इस संबंध में नायब तहसीलदार ने मीडिया से बात करने तथा कुछ भी बताने से इनकार कर दिए।

इस संदर्भ में दिव्या ओझा ने बताया कि लगभग पौन बिसा तालाब व नाले की जमीन है जिस पर उत्तर प्रदेश शासन से निर्देश आया था और उसका जवाब भी भेजना था जिसके लिए तहसील से टीम भेजी गई थी काम क्यों रुक गया इसके संबंध में जानकारी नहीं है लेकिन आज फिर से टीम भेज कर खुदाई का कार्य कराया जाएगा।

वही पेट्रोल पंप संचालक महेंद्र सोनकर का कहना है कि मेरे द्वारा तालाब की जमीन पर कोई आक्रमण नहीं है थोड़ी बहुत अगर जमीन मेरे आरजी में आई है तो उसे पर इस समय पुलिस चौकी संचालित हो रही है रही बात नाली की तो नाली की जमीन पर पहले से पाइप डालकर नाली बनाई गई है । तहसील प्रशासन द्वारा ऊपर से नाली बनाने की जो बात कही है उसे मैं अपने खर्चे से ही बनवा दूंगा जो जिला परिषद तहसील प्रशासन द्वारा नाली खोदी गई है।इस संबंध में आज एसडीएम से मिलकर सारी बात बताकर पत्रक भी दूंगा।

इस सारे प्रकरण में नायब तहसीलदार की क्या भूमिका है इसकी चर्चा है कि वे जिला प्रशासन के साथ हैं या पेट्रोल पंप संचालक की ओर से कार्य कर रहे हैं। इन सब बातों को लेकर लोगों में तरह-तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं अब देखना है कि तालाब व नाली की जमीन पर अवैध अतिक्रमण किस प्रकार हटा है।