इसलिए नायब तहसीलदार को ज्ञापन देने को राजी हो गए मनोज सिंह, 15 दिन की दी है मोहलत
एनएच-24 पर सड़क पटरी निर्माण की मांग
नायब तहसीलदार के आश्वासन पर ज्ञापन सौंपा
15 दिन में काम न होने पर चेतावनी
हादसों में दर्जनों मौतों का किया दावा
23 तारीख के बाद अनिश्चितकालीन आंदोलन की धमकी
चंदौली जिले में एनएच-24 के सैयदराजा-गाजीपुर मार्ग चौड़ीकरण के बाद सड़क किनारे फुटपाथ और पटरी का निर्माण न होने से राहगीरों की जान जोखिम में पड़ी हुई है। इसी समस्या को लेकर पूर्व विधायक और सपा के राष्ट्रीय सचिव मनोज कुमार सिंह डब्ल्यू ने बरहनी विकासखंड के कजरा गांव में एक दिवसीय धरना दिया। यह धरना सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक चला, जिसमें भारी संख्या में स्थानीय महिला और पुरुष ग्रामीण शामिल हुए।
सड़क हादसे और दर्जनों मौतों पर जताया भारी आक्रोश
धरने के दौरान पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्ल्यू ने दावा किया कि वर्ष 2026 में ही इस सड़क पर हादसों के कारण दर्जनों लोगों की अकाल मृत्यु हो चुकी है। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक बेजुबान पशु भी तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आकर जान गंवा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे पटरी और फुटपाथ न होने से पैदल चलने वालों और बाइक सवारों को आए दिन दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन मौन है।
नायब तहसीलदार की पहल पर अधिकारियों से हुई वार्ता
धरनास्थल पर पहुंचे नायब तहसीलदार आलोक निषाद ने स्थिति को देखते हुए एनएच-24 के परियोजना निदेशक और अधिशासी अभियंता से फोन पर तुरंत बात की। नायब तहसीलदार ने अपने मोबाइल से धरनारत लोगों और पूर्व विधायक की वार्ता अधिशासी अभियंता से कराई। बातचीत के दौरान अधिशासी अभियंता ने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर सड़क के दोनों तरफ पटरी का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
15 दिन की मोहलत के बाद बड़े आंदोलन की चेतावनी
अधिकारियों से मिले ठोस आश्वासन के बाद पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्ल्यू नायब तहसीलदार आलोक निषाद और एनएच-24 के अधिकारी कृष्णकांत को ज्ञापन देने के लिए राजी हो गए। हालांकि, उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी कि विभाग को 15 दिन का समय दिया जा रहा है। अगर 23 तारीख तक मौके पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे ग्रामीणों के साथ मिलकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे और एक बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, अब वादे पर अमल का इंतजार
धरने के दौरान कंदवा थाने के कार्यवाहक थानाध्यक्ष सहित करीब एक दर्जन पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर तैनात रहे। इस प्रदर्शन में दयाराम यादव, दुलारे यादव, इंद्रजीत, नरेंद्र कुमार, सविता देवी, छाया कुमारी, मुन्नी देवी और ऋतु राय समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे। अब पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि विभाग दिए गए आश्वासन को समय पर पूरा करता है या नहीं।