नीति आयोग समीक्षा बैठक में IAS कामिनी चौहान रतन नाराज, इन कमियों पर लगायी अफसरों को फटकार

निरीक्षण के दौरान पुरानी बिल्डिंग में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई, जिस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अस्पताल में स्वच्छता और अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
 

विकास भवन सभागार में सम्पन्न हुई नीति आयोग की रिव्यू मीटिंग

आईएएस कामिनी चौहान रतन ने विभागवार योजनाओं की समीक्षा की

नीति आयोग के 5 प्रमुख सेक्टरों पर हुई विस्तृत चर्चा

जिला अस्पताल के औचक निरीक्षण में IAS अफसर ने जताई नाराज़गी

आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत चंदौली जनपद में नीति आयोग द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी कार्यालय स्थित विकास भवन सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता कर रही आईएएस श्रीमती कामिनी चौहान रतन ने विभागवार प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नीति आयोग के मापदंडों पर जनपद की रैंकिंग सुधारने के लिए सभी विभागों को जिम्मेदारी और नवाचार के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।

विभागवार योजनाओं की विस्तृत समीक्षा

बैठक में नीति आयोग द्वारा निर्धारित पाँच प्रमुख सेक्टर — स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संरक्षण, वित्तीय समावेशन एवं कौशल विकास, तथा आधारभूत संरचना की गहन समीक्षा की गई। आईएएस कामिनी चौहान रतन ने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने-अपने क्षेत्र में ठोस सुधार लाने के लिए लक्ष्य आधारित योजना तैयार करे और उसका मासिक मूल्यांकन भी किया जाए।

उन्होंने कहा कि नीति आयोग के सूचकांकों पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों की कार्यप्रणाली का अध्ययन कर उसे स्थानीय स्तर पर लागू किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि लापरवाही या आंकड़ों में देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।

स्वास्थ्य एवं पोषण पर विशेष जोर

बैठक में स्वास्थ्य विभाग से संबंधित योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, और सैम-मैम (Severely Acute Malnourished & Moderately Malnourished) बच्चों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि पात्र लाभार्थियों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिले और पोषण योजनाओं का असर जमीनी स्तर पर दिखे। उन्होंने कहा कि कुपोषित बच्चों के अभिभावकों को रोजगार और प्रशिक्षण के माध्यम से सशक्त बनाकर समाज की मुख्यधारा में जोड़ा जाए।

शिक्षा क्षेत्र में नवाचार और सुधार की आवश्यकता

शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान श्रीमती चौहान रतन ने कहा कि शिक्षा बच्चों को केवल साक्षर नहीं बनाती, बल्कि उन्हें स्वस्थ और जिम्मेदार नागरिक बनाती है। उन्होंने निर्देश दिया कि विद्यालयों में बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ स्वच्छता, पोषण और व्यवहारिक जीवन कौशल की जानकारी दी जाए। विशेष रूप से उन्होंने “ड्रॉपआउट (शिक्षा छोड़ चुके)” बच्चों को चिन्हित कर उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अभिनव प्रयासों की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि इन बच्चों को उनकी उम्र और स्तर के अनुरूप कक्षा में नामांकित कर विशेष प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि वे पीछे न रह जाएं।

स्कूल निरीक्षण में बच्चों के उत्साह की सराहना

नीति आयोग की समीक्षा के बाद श्रीमती कामिनी चौहान रतन ने सविलियन विद्यालय पड़या का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय में संचालित शैक्षिक गतिविधियों, मध्यान्ह भोजन योजना और स्वच्छता व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। कक्षाओं में जाकर उन्होंने बच्चों से सामान्य ज्ञान और पाठ्यक्रम आधारित प्रश्न पूछे। बच्चों द्वारा सही उत्तर देने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की और उनके आत्मविश्वास एवं शैक्षिक स्तर की सराहना की।

उन्होंने विद्यालय परिसर में बनी पोषण वाटिका की प्रशंसा की और शिक्षकों से कहा कि बच्चों को पौधों के महत्व और पोषक आहार की जानकारी दी जाए। उन्होंने मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, रसोई घर की स्वच्छता और बच्चों के बैठने की व्यवस्था की जांच कर आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।

आंगनवाड़ी केंद्रों की भी ली जानकारी

निरीक्षण के दौरान उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों का भी भ्रमण किया और 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के सर्वांगीण विकास से संबंधित गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों से पूछा कि वे बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए कौन-कौन से खेल या शिक्षण पद्धतियां अपनाती हैं। कार्यकत्रियों द्वारा “खेल-खेल में सीखने की गतिविधियों” के बारे में बताया गया, जिस पर आईएएस ने संतोष व्यक्त किया और इसे और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण

समीक्षा बैठक के बाद श्रीमती कामिनी चौहान रतन ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी, मरीज भर्ती वार्ड, एक्सरे कक्ष और अस्पताल परिसर का स्थलीय भ्रमण किया। निरीक्षण के दौरान पुरानी बिल्डिंग में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई, जिस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अस्पताल में स्वच्छता और अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। कुछ चिकित्सकों द्वारा ड्रेस कोड का पालन न करने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई और स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी चिकित्सा कर्मी निर्धारित यूनिफॉर्म में ही ड्यूटी करें।

सभी विभागों को मिलकर करना होगा समन्वित प्रयास

बैठक के समापन पर जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग ने कहा कि आईएएस श्रीमती कामिनी चौहान रतन द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का विभागवार अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नीति आयोग के सूचकांकों पर जिले की रैंकिंग सुधारने के लिए जमीनी स्तर पर कार्य किए जाएं और प्रगति की साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साईं, परियोजना अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, डीसी मनरेगा, प्रभारी सीएमओ, सीएमएस, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अग्रणी बैंक प्रबंधक, सीडीपीओ, जिला उद्यान अधिकारी, मंडी सचिव, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।