चंदौली में शिक्षा सुधार की पहल: अधिकारी गोद लेंगे माध्यमिक स्कूल, आदर्श बनाने की पहल
पहले चरण में राजकीय हाईस्कूल और इंटर कालेज होंगे शामिल
31 अगस्त तक शासन को भेजनी होगी चयनित स्कूलों की सूची
28 राजकीय हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों को मिलेगा नया रूप
चंदौली जनपद के माध्यमिक विद्यालयों को आदर्श बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने नई पहल शुरू की है। इसके तहत जिले के अधिकारी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट विद्यालयों को गोद लेकर उनकी दशा सुधारने का काम करेंगे। महानिदेशक (स्कूल शिक्षा) कंचन वर्मा ने इस बाबत पत्र जारी करते हुए 31 अगस्त तक चयनित विद्यालयों की सूची शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं।
आपको बता दें कि पहले चरण में जिले के राजकीय हाईस्कूल व इंटर कालेजों को इस योजना में शामिल किया गया है। चंदौली में कुल 264 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं, जिनमें लगभग 1.26 लाख छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें से 28 विद्यालय राजकीय हाईस्कूल और इंटर कॉलेज के हैं, जिन्हें अधिकारी गोद लेकर शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं में सुधार करेंगे।
पत्र के अनुसार, निदेशालय स्तर के अधिकारी अपने क्षेत्र के विद्यालय चुनेंगे, मंडल स्तर के अधिकारी मंडल या नजदीकी जिले के विद्यालय को गोद लेंगे, वहीं जिला स्तरीय अधिकारी अपने जिले के एक-एक विद्यालय का चयन करेंगे। इन विद्यालयों में प्रोजेक्ट अलंकार जैसी योजनाओं को भी प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।
शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि जब अधिकारी खुद विद्यालयों की जिम्मेदारी लेंगे, तो न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा बल्कि विद्यालयों की स्थिति भी बेहतर होगी। इससे अभिभावकों का विश्वास बढ़ेगा और निजी स्कूलों की ओर छात्रों का रुझान कम होगा।
बेसिक शिक्षा विभाग में पहले से चल रही इस व्यवस्था के अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं। अब माध्यमिक शिक्षा में भी इसे लागू करने से सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।
इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र सिंह ने बताया कि विद्यालयों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जल्द ही सूची तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। इस कदम से न सिर्फ शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि विद्यालयों की व्यवस्थाएं भी दुरुस्त होंगी