DM साहब देखिए..प्राथमिक विद्यालय में खुला पड़ा है मौत का कुआं, कभी भी गिर सकते हैं मासूम बच्चे!

चंदौली के भैंसाखुर्द प्राथमिक विद्यालय परिसर में शौचालय के पास एक खुला कुआं मासूम बच्चों के लिए काल बना हुआ है। अधिकारी और प्रधान बेफिक्र हैं, जबकि ग्रामीण किसी बड़े हादसे के डर से कांप रहे हैं। जानिए क्या है पूरा मामला।
 

स्कूल परिसर में खुला कुआं बना खतरा

मासूम बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे

ग्राम विकास अधिकारी को जानकारी ही नहीं

ग्रामीणों ने की पक्के घेराव की मांग

चंदौली जिले के बरहनी विकासखंड से एक बेहद डराने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ के भैंसाखुर्द गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय के परिसर में एक खुला कुआं मासूम बच्चों की जान के लिए आफत बना हुआ है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि यह कुआं ठीक शौचालय के पास है, जहाँ बच्चे दिनभर आते-जाते रहते हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि स्कूल के हेडमास्टर और ग्राम प्रधान सब कुछ जानकर भी धृतराष्ट्र बने बैठे हैं।

मासूमों के सिर पर मंडरा रहा है खतरा
इस सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चे खेल-कूद के दौरान या शौचालय जाते समय अक्सर इस खुले कुएं के बिल्कुल पास तक चले जाते हैं। कुएं के चारों तरफ सुरक्षा के लिए कोई दीवार या घेराव (बाउंड्री) नहीं है। ऐसे में कोई भी बच्चा खेलते-खेलते पैर फिसलने से कभी भी इस गहरे कुएं में गिर सकता है। अपने जिगर के टुकड़ों को रोज मौत के इस साए के बीच भेजने पर अब अभिभावकों और ग्रामीणों की जान हलक में अटकी हुई है।

अधिकारी बोले- 'मुझे तो कुछ पता ही नहीं है'
इस पूरे मामले में जब गांव के ग्राम विकास अधिकारी (VDO) रितेश सिंह से बात की गई, तो उनका जवाब बेहद गैर-जिम्मेदाराना था। उन्होंने साफ कहा कि वह कभी स्कूल गए ही नहीं हैं और उन्हें इस समस्या के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है। हालांकि, बाद में उन्होंने बात संभालते हुए कहा कि वह ग्राम प्रधान से बोलकर इसका काम करवा देंगे। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन को किसी बड़े हादसे के होने के बाद ही होश आएगा?

बीएसए साहब, जल्द लगवा दीजिए लोहे की जाली
गांव के लोगों ने अब सीधे जिले के बड़े अधिकारियों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) से गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर यह कुआं बेकार हो चुका है और इस्तेमाल में नहीं है, तो इसे तुरंत पक्के तरीके से ढकवा दिया जाए या इस पर मजबूत लोहे की जाली लगवा दी जाए। डीएम साहब से भी जनता की यही अपील है कि किसी मासूम की जान जाने से पहले इस गंभीर समस्या का संज्ञान लें और जल्द से जल्द स्कूल परिसर को सुरक्षित बनवाएं।