सैयदराजा में ब्राह्मण समाज की हुंकार: भीम बाबा मंदिर में बनी भगवान परशुराम प्रकटोत्सव को ऐतिहासिक बनाने की रणनीति

 

चंदौली के सैयदराजा में ब्राह्मण समाज की अहम बैठक संपन्न हुई। भीम बाबा मंदिर परिसर में जुटे समाज के दिग्गजों ने भगवान परशुराम प्रकटोत्सव को भव्य रूप से मनाने और आपसी मतभेद भुलाकर सामाजिक एकता मजबूत करने का संकल्प लिया।

 
 

भीम बाबा मंदिर में ब्राह्मण समाज की बैठक

भगवान परशुराम प्रकटोत्सव भव्य मनाने पर सहमति

दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एकजुटता की अपील

समाज को जोड़ने के लिए घर-घर जनसंपर्क अभियान

युवाओं को सक्रिय भागीदारी के लिए किया प्रेरित

चंदौली जिले के सैयदराजा नगर पंचायत स्थित प्रसिद्ध भीम बाबा मंदिर परिसर में सोमवार को ब्राह्मण समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में समाज की मजबूती और आगामी धार्मिक आयोजनों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक का नेतृत्व मुख्य रूप से सूर्यमुनि तिवारी, जिला पंचायत सदस्य संजय पांडेय, भगवती तिवारी, विशाल तिवारी और रजनीकांत पांडेय सहित अन्य वरिष्ठ सदस्यों ने संयुक्त रूप से किया।

भगवान परशुराम प्रकटोत्सव की व्यापक तैयारी
बैठक का मुख्य एजेंडा भगवान परशुराम के आगामी प्रकटोत्सव को भव्य और ऐतिहासिक रूप देना था। वक्ताओं ने संबोधित करते हुए कहा कि भगवान परशुराम न केवल ब्राह्मण समाज के आराध्य हैं, बल्कि वे अन्याय के विरुद्ध संघर्ष के प्रतीक भी हैं। समाज के वक्ताओं ने जोर दिया कि उनके जन्मोत्सव को मनाना समाज की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और आपसी एकता को प्रदर्शित करने का एक सुनहरा अवसर है।

राजनीति से ऊपर उठकर सामाजिक मंच बनाने पर जोर
बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि यह आयोजन पूरी तरह गैर-राजनीतिक होगा। वक्ताओं ने कहा कि यह किसी एक दल या विचारधारा का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि पूरे ब्राह्मण समाज का साझा उत्सव है। इसलिए, विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े समाज के लोगों को एक ही मंच पर लाने की पहल की जाएगी। उपस्थित लोगों ने माना कि समाज के उत्थान के लिए व्यक्तिगत और राजनीतिक मतभेदों को किनारे रखकर सामूहिक प्रयास करना समय की मांग है।

घर-घर संपर्क और युवा भागीदारी
आयोजन को सफल बनाने के लिए रणनीति तैयार की गई है, जिसके तहत आगामी दिनों में घर-घर संपर्क अभियान चलाया जाएगा। इसके माध्यम से अधिक से अधिक परिवारों को इस उत्सव से जोड़ा जाएगा। साथ ही, युवाओं को कार्यक्रम की जिम्मेदारी सौंपकर उनमें नई ऊर्जा का संचार करने की योजना बनी है।

बैठक के अंत में सभी ने भगवान परशुराम के जयघोष के साथ एकता को और मजबूत करने का संदेश दिया। इस अवसर पर पूर्व प्रधान अशोक मिश्रा, राकेश पांडे, शशांक पांडे, शैलेंद्र कवि, मिथलेश उपाध्याय और कृपा शंकर तिवारी सहित भारी संख्या में समाज के प्रबुद्धजन और युवा उपस्थित रहे।