PM आवास योजना का अधूरा सपना : चंदौली के चारों नगर निकायों से भेजी गई सूची, जानें क्यों अटकी है 1051 परिवारों की पहली किस्त

चंदौली जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत 1051 पात्रों का चयन तो हो गया है, लेकिन ढाई महीने बीतने के बाद भी पहली किस्त नहीं मिल सकी है। अपना घर बनाने का सपना देख रहे जरूरतमंद अब डूडा और शासन की ओर देख रहे हैं।

 

1051 लाभार्थी पहली किस्त के इंतजार में

ढाई महीने पहले भेजी गई सूची

चार नगर निकायों के पात्र शामिल

डूडा ने शासन को भेजी रिपोर्ट

अक्टूबर 2025 में पूरी हुई पात्रता जांच

चंदौली जिले में शहरी गरीबों और मध्यम वर्गीय परिवारों को अपना पक्का घर मुहैया कराने के उद्देश्य से शुरू की गई "प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0" चंदौली जिले में फिलहाल सुस्त पड़ती नजर आ रही है। जिले के चारों नगर निकायों के 1051 पात्र परिवार पिछले ढाई महीनों से अपनी पहली किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। डूडा (जिला शहरी विकास अभिकरण) द्वारा सूची भेजे जाने के बावजूद बजट जारी न होने से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।

चारों नगर निकायों से भेजी गई है पात्रों की सूची
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के दूसरे चरण में जिले के सभी चार निकायों—पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर, चकिया, चंदौली और सैयदराजा से आवेदन मांगे गए थे। जांच के बाद डूडा ने कुल 1051 पात्रों की सूची तैयार की है। इसमें नगर पालिका पीडीडीयू नगर से सबसे अधिक 409 पात्र शामिल हैं। इसके अलावा चकिया से 274, सैयदराजा से 265 और चंदौली नगर पंचायत से 253 लाभार्थियों के नाम शासन को भेजे गए हैं।

अक्टूबर 2025 में पूरी हुई थी पात्रता की जांच
इन लाभार्थियों के चयन के लिए लेखपाल और संबंधित नगर निकाय की ओर से स्थलीय सत्यापन और पात्रता की गहन जांच की गई थी। सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद अक्टूबर 2025 में ही यह सूची शासन को अग्रसारित कर दी गई थी। गौरतलब है कि योजना के पहले चरण में जिले के 9660 लोगों को आवास का लाभ मिल चुका है, लेकिन दूसरे चरण के लाभार्थियों के लिए फिलहाल इंतजार लंबा होता जा रहा है।

जल्द भुगतान की उम्मीद: परियोजना अधिकारी
इस समस्या को लेकर डूडा के परियोजना अधिकारी राजेश उपाध्याय ने सकारात्मक रुख दिखाया है। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से सारी कागजी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया जारी है और पूरी उम्मीद है कि शासन की ओर से शीघ्र ही पहली किस्त लाभार्थियों के बैंक खातों में भेज दी जाएगी। फिलहाल, हाड़ कंपा देने वाली इस ठंड में आशियाने की उम्मीद लगाए बैठे गरीबों की निगाहें सरकारी खजाने पर टिकी हैं।