राजदरी-देवदरी की निखरेगी सुंदरता, पर्यटन बढ़ने से आसपास के इलाके में आ सकती है खुशहाली

स्थानीय दुकानदारों और छोटे कारोबारियों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं। राजदरी-देवदरी में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी तो आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
 

राजदरी-देवदरी की खूबसूरती बढ़ाने को शासन की मंजूरी

DM निर्देश पर पर्यटन विकास की ठोस कार्ययोजना तैयार

2 करोड़ की स्वीकृति से सैलानियों को मिलेगा आकर्षण

पर्यटकों को लुभाने सेल्फी प्वाइंट और हाट झोपड़ी बनेगी

चंदौली जिले में पूर्वांचल का स्वर्ग कहे जाने वाला राजदरी-देवदरी अब और भी निखरेगा। यहां के झरनों की कलकल ध्वनि, हरे-भरे जंगलों की ठंडी हवाएं और चट्टानों से टकराकर लौटती जलधाराएं पहले से ही सैलानियों का मन मोह लेती हैं। अब शासन से मिले दो करोड़ रुपये की मंजूरी इस प्राकृतिक धरोहर को नया जीवन देने का काम करेगी।

सैलानियों के लिए बनेगी बेहतर व्यवस्था

जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग के निर्देश पर वन विभाग ने पर्यटन और वन्यजीव दोनों को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना बनानी शुरू कर दी है। योजना के अनुसार यहां टीन शेड, हाट झोपड़ी, सेल्फी प्वाइंट और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। ताकि आने वाले पर्यटक खुलकर पिकनिक का आनंद उठा सकें और उन्हें किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।

स्थानीय व्यापारियों के चेहरे पर मुस्कान

स्थानीय दुकानदारों और छोटे कारोबारियों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं। राजदरी-देवदरी में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी तो आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। चाय-पकौड़ी बेचने वाला दुकानदार हो या हस्तशिल्प की छोटी दुकान लगाने वाला कारीगर, सभी को इस बदलाव से फायदा होगा।

पर्यटकों की बढ़ेगी संख्या, मिलेगा राजस्व

पिछले वित्तीय वर्ष में यहां 18,230 पर्यटक आए थे, जिनसे वन विभाग को लगभग 15 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इस साल अब तक 3733 लोग और एक विदेशी पर्यटक राजदरी-देवदरी की सुंदरता देखने पहुंचे हैं। यह संख्या पर्यटन विकास कार्य पूरा होने के बाद कई गुना बढ़ सकती है।

प्रकृति और पर्यटन का संतुलन

वन विभाग का कहना है कि विकास कार्य करते समय प्रकृति को नुकसान न पहुंचे, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। पर्यटन बढ़ाने के साथ-साथ जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा भी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

पर्यटकों की भावनाएं

वाराणसी से घूमने आईं पर्यटक शालिनी ने कहा कि राजदरी-देवदरी की खूबसूरती शब्दों से परे है। अगर यहां बैठने की व्यवस्था, शेड और खाने-पीने की सुविधाएं हो जाएं तो यह जगह और भी यादगार बन जाएगी। वहीं, स्थानीय किसान रामजी यादव कहते हैं कि अगर यहां पर्यटक ज्यादा आएंगे तो हमें भी रोज़गार मिलेगा। हमारे बच्चों को गांव छोड़कर बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

उम्मीदों से भरा भविष्य

जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग ने कहा कि जल्द ही कार्ययोजना शासन को भेजी जाएगी और स्वीकृति मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। उम्मीद है कि आने वाले सालों में राजदरी-देवदरी न सिर्फ चंदौली बल्कि पूरे पूर्वांचल का प्रमुख पर्यटन केंद्र बनकर उभरेगा।