वाह रे मैडम जी : यहाँ मुर्दे खा रहे सरकारी राशन, अमीर कोटेदार को मिला है अंत्योदय कार्ड
चन्दौली के चहनिया इलाके में राशन वितरण में एक बेहद हैरान करने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहाँ दो साल पहले मर चुके लोगों के नाम पर न सिर्फ राशन उठ रहा है, बल्कि उनके कार्ड में नई यूनिट्स भी जोड़ी जा रही हैं। जानिए पूरा मामला।
चंदौली जिले के चहनिया इलाके में बड़ा राशन घोटाला, मृतकों के नाम पर उठ रहा अनाज, SDM ने दिए जांच के आदेश
चंदौली जिले के चहनिया इलाके से सरकारी राशन वितरण में धांधली का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के पूर्ति विभाग पर भ्रष्टाचार के बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि पिछले तीन सालों से विभाग की मिलीभगत से कोटेदार उन लोगों के नाम पर भी राशन डकार रहा है, जिनकी मौत सालों पहले हो चुकी है। शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस के मौके पर एक शिकायतकर्ता ने सकलडीहा के एसडीएम कुंदन राज कपूर को शिकायती पत्र सौंपकर इस पूरे खेल का पर्दाफाश किया है।
शिकायतकर्ता बुल्लू यादव का सीधा आरोप है कि नदेसर गांव की रहने वाली शकुंतला और सहदेई की मृत्यु करीब दो साल पहले ही हो चुकी है। इसके बावजूद कोटेदार और पूर्ति विभाग ने उनके नाम राशन कार्ड की लिस्ट से नहीं हटाए। हद तो तब हो गई जब इसी साल 16 जून को मृत शकुंतला के कार्ड में दो नई यूनिट और सहदेई के कार्ड में चार नई यूनिट और जोड़ दी गईं, जिससे दोनों के कार्ड की यूनिट बढ़कर 6-6 हो गई।
अमीर और टैक्स देने वाले कोटेदार को मिला अंत्योदय कार्ड
इस मामले में सिर्फ मृतकों के नाम पर राशन उठाने का ही खेल नहीं चल रहा, बल्कि अपात्रों को वीआईपी ट्रीटमेंट देने का भी आरोप है। बुल्लू यादव ने बताया कि नदेसर ग्राम पंचायत का कोटेदार बेहद संपन्न है। उसके पास कपड़ों के तीन बड़े-बड़े शोरूम हैं, काफी ज्यादा खेती की जमीन है और खुद का ट्रैक्टर भी है। इतना ही नहीं, वह नियमित रूप से सरकार को इनकम टैक्स (आयकर) भी भरता है।
हैरानी की बात यह है कि ऐसे अमीर कोटेदार को सकलडीहा पूर्ति विभाग की मिलीभगत से सबसे गरीब लोगों के लिए बनने वाला 'अंत्योदय कार्ड' दिया गया है। साथ ही उसके पास तीन 'पात्र गृहस्थी कार्ड' भी हैं, जिनकी मदद से वह हर महीने सरकारी कोटे से लगभग 120 किलोग्राम खाद्यान्न खुद उठा रहा है।
घोटाला दबाना चाहती हैं महिला पूर्ति निरीक्षक
जब इस पूरे फर्जीवाड़े के खिलाफ बुल्लू यादव ने जिलाधिकारी (DM) और उपजिलाधिकारी (SDM)से शिकायत की, तो मामले की जांच करने के लिए एक महिला पूर्ति निरीक्षक मौके पर पहुंचीं। आरोप है कि जांच करने के बजाय उस अधिकारी ने शिकायतकर्ता बुल्लू यादव को ही केस वापस लेने की धमकी दे डाली। पीड़ित का कहना है कि महिला अधिकारी ने साफ लफ्ज़ों में कहा कि अगर शिकायत वापस नहीं ली गई, तो वे उनकी मां का राशन कार्ड हमेशा के लिए बंद करवा देंगी।
इस गंभीर मामले को सुनते ही सकलडीहा के SDM कुंदन राज कपूर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए हैं। वहीं जिलापूर्ति अधिकारी बासदेव तिवारी ने भी भरोसा दिलाया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आपको बता दें कि इस संबंधित महिला पूर्ति निरीक्षक की कार्यप्रणाली पहले भी कई बार विवादों में रह चुकी है।