चंदौली में कैंसर रोगियों के इलाज की सुविधा शुरू, मेडिकल कॉलेज में हो गयी सफल सर्जरी

स्तन कैंसर की सर्जरी अत्यंत चुनौतीपूर्ण होती है। इसे नए अस्पताल भवन के आधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर में नवीनतम उपकरणों और गैजेट्स की मदद से किया गया।
 

चंदौली में कैंसर का इलाज कराने वालों के लिए खुशखबरी

बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज में स्तन कैंसर की सफल सर्जरी

मरीजों को अब सर्जरी के लिए नहीं जाना होगा कही दूसरे शहर

प्राचार्य डॉ. अमित सिंह ने दी जानकारी

चंदौली जिले में अब कैंसर रोगियों के इलाज में भी नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। जिले के बाबा कीनाराम स्वायत्तशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में अब कैंसर सर्जरी की सुविधा उपलब्ध हो गई है। मंगलवार को यहां स्तन कैंसर की एक जटिल शल्यक्रिया मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी (एमआरएम) सफलता पूर्वक की गई।

अब मरीजों को नहीं जाना पड़ेगा बाहर

आपको बता दें कि पहले कैंसर मरीजों को इलाज के लिए वाराणसी या अन्य बड़े शहरों का सहारा लेना पड़ता था, लेकिन अब जिले में ही इस प्रकार की सुविधा उपलब्ध होने से चंदौली और आसपास के इलाकों, यहां तक कि बिहार प्रांत के मरीजों को भी राहत मिलेगी।

आधुनिक ऑपरेशन थिएटर में हुआ ऑपरेशन

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अमित सिंह ने बताया कि स्तन कैंसर की सर्जरी अत्यंत चुनौतीपूर्ण होती है। इसे नए अस्पताल भवन के आधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर में नवीनतम उपकरणों और गैजेट्स की मदद से किया गया। उन्होंने कहा कि अब तक ऐसे मरीजों को उच्च स्तरीय केंद्रों पर रेफर करना पड़ता था, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर ही उनका इलाज संभव है।

विशेषज्ञ टीम ने किया ऑपरेशन

यह ऑपरेशन सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक त्रिपाठी के नेतृत्व में डॉ. रोहित कुमार सिंह, डॉ. प्रवीण और डॉ. सोहम ने किया। वहीं, एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. अजय और उनकी टीम ने सहयोग दिया।

रोज हो रही मिनिमली इनवेसिव सर्जरी

डॉ. अमित सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध नई लेप्रोस्कोपिक मशीन से प्रतिदिन करीब 10 मिनिमली इनवेसिव सर्जरी की जा रही हैं, जिनमें अधिकतर पित्ताशय (गॉलब्लैडर स्टोन) की सर्जरी होती है। उन्होंने कहा कि संस्थान का लक्ष्य इसे जल्द ही सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करना है और हर विभाग में नवीनतम तकनीकों के जरिए मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएंगी।