48 डिग्री की भीषण गर्मी में शिक्षकों को 'थर्ड डिग्री टॉर्चर', जनगणना कार्य टालने के लिए सरकार से लगाई गुहार

 

उत्तर प्रदेश में पड़ रही 48 डिग्री की भीषण गर्मी और लू के बीच शिक्षकों ने सरकार से 22 मई से प्रस्तावित जनगणना कार्यक्रम को एक महीने के लिए स्थगित करने और 'स्व-गणना' की तारीख बढ़ाने की भावुक अपील की है।

 
 

भीषण गर्मी में जनगणना टालने की मांग 

48 डिग्री तापमान बना बड़ा खतरा 

'स्व-गणना' को बढ़ावा देने की अपील 

कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें 

उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 48 डिग्री के आसपास पहुंच चुका है, जिसके चलते पूरी राज्य में भीषण गर्मी और जानलेवा लू (Heat Wave) का प्रकोप जारी है। ऐसी विपरीत परिस्थितियों में आगामी 22 मई से 20 जून तक प्रस्तावित जनगणना (हाउस लिस्टिंग) के व्यापक फील्ड कार्य को लेकर शिक्षकों और राज्य कर्मचारियों में भारी चिंता व्याप्त है। शिक्षकों का कहना है कि इस तपती धूप में फील्ड ड्यूटी देना किसी "थर्ड डिग्री टॉर्चर" से कम नहीं है। कर्मचारियों ने शासन से पूरी संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ इस निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है।

पुरानी त्रासदियों का हवाला और अभिभावक की भूमिका
कर्मचारियों ने पूर्व की घटनाओं को याद दिलाते हुए कहा कि कोरोना काल के पंचायत चुनावों में हजारों कर्मियों ने अपनी जान गंवाई थी। वहीं, वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव भी जून की भीषण गर्मी में हुए, जहां पूर्वांचल समेत कई क्षेत्रों से ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों की मृत्यु की दुखद खबरें आईं। शिक्षकों का कहना है कि शासन जनता और कर्मचारियों का अभिभावक होता है। इसलिए आदेश जारी करने के साथ-साथ मानव जीवन की सुरक्षा को सर्वोपरि रखना सरकार की बड़ी जिम्मेदारी है।

'स्व-गणना' को बढ़ावा देने का दिया विकल्प
शिक्षकों और विभिन्न संगठनों ने सरकार से विनम्र अपील की है कि इस जनगणना कार्यक्रम को फिलहाल एक महीने के लिए स्थगित कर दिया जाए। इसके विकल्प के रूप में उन्होंने सुझाव दिया है कि इस अवधि के दौरान “स्व–गणना” (Self-Enumeration) की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाया जाए। सरकार इसके लिए लोगों को प्रेरित और जागरूक करे, ताकि आम नागरिक घर बैठे सुरक्षित तरीके से अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करा सकें। यह कदम कर्मचारियों की जीवन रक्षा, जनसुविधा और सफल जनगणना तीनों के हित में होगा।