चंदौली के युवाओं को मिलेगा डिजिटल ट्रेनिंग का मौका, यूपी के 56 जिलों में बनेंगी 62 डेटा व AI लैब
यूपी में 62 डेटा व एआई लैब का निर्माण
56 जिलों के संस्थानों का हुआ चयन
17.50 करोड़ रुपये की आएगी कुल लागत
आईटीआई और कॉलेजों में मिलेगी एआई ट्रेनिंग
इंडिया एआई मिशन और यूपीडेस्को की बड़ी पहल
उत्तर प्रदेश को तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में सबसे आगे ले जाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। 'इंडिया एआई मिशन' के तहत प्रदेश के 56 जिलों में कुल 62 डेटा और एआई लैब स्थापित की जाएंगी।
इस योजना के लिए संबंधित जिलों में शिक्षण और प्रशिक्षण संस्थानों का चयन पूरा कर लिया गया है। इन लैब्स में आधुनिक उपकरण और तकनीकी संसाधन विकसित करने के लिए 17.50 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम तेजी से शुरू कर दिया गया है।
एआई मिशन और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग संभालेगा पूरी जिम्मेदारी
इस पूरी योजना के प्रशासनिक कामकाज की देखरेख इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी विभाग द्वारा की जाएगी। वर्तमान में यूपीडेस्को (UPDESCO) इसकी नोडल एजेंसी के रूप में काम कर रही है, लेकिन अब इसकी मुख्य जिम्मेदारी नवगठित एआई मिशन संभालेगा।
हाल ही में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में एआई मिशन के गठन को मंजूरी दे दी गई थी। गौरतलब है कि इसी साल जनवरी में इंडिया एआई मिशन और उत्तर प्रदेश के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे।
राजकीय आईटीआई और डिग्री कॉलेजों में छात्रों को मिलेगी ट्रेनिंग
तकनीकी शिक्षा को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने के लिए स्कूल और संस्थान स्तर पर ही छात्रों को एआई कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए प्रदेश के 56 जिलों में स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को मुख्य रूप से चुना गया है।
योजना के तहत छह प्रमुख जिलों में दो-दो एआई लैब स्थापित की जाएंगी, जबकि बाकी जिलों में एक-एक लैब बनाने का प्रस्ताव है। इस सूची में गोंडा के मनकापुर स्थित 'राजा रघुराज सिंह डिग्री कॉलेज' एकमात्र ऐसा डिग्री कॉलेज है, जिसे इस विशेष ट्रेनिंग के लिए चयनित किया गया है।
वाराणसी और चंदौली समेत इन प्रमुख जिलों में खुलेंगी लैब्स
प्रदेश के जिन जिलों में एक-एक एआई लैब स्थापित करने की मंजूरी मिली है, उनमें पूर्वांचल के काशी (वाराणसी) और चंदौली समेत कई प्रमुख जिले शामिल हैं। चयनित जिलों की सूची में वाराणसी, चंदौली, अंबेडकर नगर, लखनऊ, अमेठी, आजमगढ़, बांदा, बाराबंकी, बिजनौर, बदायूं, संभल और गोरखपुर का नाम प्रमुखता से शामिल है।
इसके अलावा बरेली, देवरिया, रामपुर, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, कानपुर नगर, हरदोई, हाथरस, झांसी, कन्नौज, कासगंज, बागपत, लखीमपुर खीरी और ललितपुर समेत अन्य जिलों के युवाओं को भी इस एआई लैब परियोजना का सीधा लाभ मिलेगा।