विधान परिषद समिति की समीक्षा में खुली पोल, PWD-सिंचाई और पंचायती राज विभाग की कसी नकेल

चंदौली में विधान परिषद की याचिका समिति की बैठक कार्यकारी सभापति अशोक अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजित हुई, जिसमें PWD, सिंचाई और पंचायती राज विभाग से संबंधित 9 लंबित जनहित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। सभापति ने अधिकारियों को बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए सभी कार्यों को समय से पूरा करने और फोटोग्राफ्स सहित स्पष्ट रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
 

विधान परिषद याचिका समिति बैठक 


सभापति अशोक अग्रवाल ने क्या निर्देश दिए


धानापुर बघरी सिसौड़ा अवही सड़क की स्थिति


सिंचाई विभाग के लंबित मामलों की समीक्षा


सीडीओ आर जगत साईं का आश्वासन

चंदौली जिले के मामलों को लेकर वाराणसी के सर्किट हाउस सभागार में विधान परिषद की याचिका समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कार्यकारी सभापति अशोक अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में कुल 09 लंबित जनहित प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक में मुख्य रूप से चंदौली के तीन प्रमुख विभागों— लोक निर्माण विभाग (PWD), सिंचाई विभाग, और पंचायती राज विभाग से संबंधित उन सभी मामलों पर अद्यतन स्थिति जानी गई, जिन्हें विधान परिषद सदस्यों ने समय-समय पर याचिका समिति के समक्ष उठाया था। बैठक के पूर्व मुख्य विकास अधिकारी (CDO) आर जगत साईं ने सभापति अशोक अग्रवाल का स्मृति चिन्ह और अंग वस्त्रम देकर स्वागत किया।

विधान परिषद की याचिका समिति की बैठक कार्यकारी सभापति अशोक अग्रवाल का स्वागत करते सीडीओ चंदौली

सड़कों के निर्माण पर विशेष फोकस
समिति की बैठक में सर्वप्रथम लोक निर्माण विभाग के प्रकरणों की समीक्षा की गई। समिति सदस्य श्याम नारायण सिंह 'विनीत सिंह' ने विकास खंड धानापुर के अंतर्गत बघरी से सिसौड़ा अवही होते हुए धानापुर तक की सड़क और बरहनी ब्लॉक में बरहनी से घोसवा तक की सड़क की वर्तमान स्थिति पर जानकारी मांगी। इस पर सभापति ने संबंधित अधिकारियों को इन कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसी तरह, पंचायती राज विभाग और सिंचाई विभाग के प्रकरणों की समीक्षा कर समय पर कार्य पूरा करने और समिति को अवगत कराने का निर्देश दिया गया।

समन्वय और अनुश्रवण पर जोर
सभापति अशोक अग्रवाल ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों पर बेहतर अंतर्विभागीय समन्वय (Inter-Departmental Coordination) स्थापित करते हुए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में शासन स्तर पर कार्यवाही अपेक्षित है, उन्हें तुरंत शासन को संदर्भित किया जाए और उनका नियमित रूप से अनुश्रवण (Monitoring) किया जाए ताकि मामले शीघ्र निस्तारित हो सकें।

सभापति ने CDO को सभी निस्तारित प्रकरणों से संबंधित फोटोग्राफ्स और स्पष्ट रिपोर्ट उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। अंत में CDO आर जगत साईं ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए समिति द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का शीघ्र अनुपालन सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया।