विंध्य एक्सप्रेसवे स्पार के लिए जमीन अधिग्रहण तेज, चंदौली में 9 हजार किसानों को नोटिस जारी
पूर्वांचल-विंध्य एक्सप्रेसवे स्पार निर्माण के लिए चंदौली में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है। जिला प्रशासन ने 9,000 से अधिक किसानों को नोटिस जारी कर 10 दिन में आपत्तियां मांगी हैं। इसके निस्तारण के बाद ही मुआवजा तय होगा।
9000 से अधिक किसानों को जारी हुआ नोटिस
10 दिनों के भीतर दर्ज करानी होगी आपत्ति
चंदौली और मुगलसराय तहसील के गांव प्रभावित
कुल 116 किलोमीटर लंबा बनेगा नया एक्सप्रेसवे स्पार
पंजाब की तर्ज पर उचित मुआवजा मांग रहे किसान
पूर्वांचल और विंध्य एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ने के लिए स्पार के निर्माण की प्रक्रिया अब काफी तेज हो गई है। इस महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना के धरातल पर उतरने के साथ ही जमीन अधिग्रहण को लेकर स्थानीय किसानों की चिंताएं भी बढ़ने लगी हैं। इस परियोजना के बनने से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा और आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
9 हजार से अधिक किसानों को भेजा जा रहा है नोटिस
परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए जिला प्रशासन ने चंदौली जिले के नौ हजार से अधिक किसानों को नोटिस जारी कर दिया है। प्रशासन ने प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण पर किसानों से लिखित आपत्तियां मांगी हैं। नोटिस मिलने के बाद से ही प्रभावित गांवों में किसानों के बीच गहमागहमी और हलचल काफी बढ़ गई है।
आपत्ति दर्ज कराने के लिए 10 दिन का समय
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजेश कुमार के अनुसार, उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की ओर से अधिग्रहण की सूची प्रकाशित कर दी गई है। किसानों को नोटिस प्राप्त होने के 10 दिनों के भीतर अपनी आपत्ति दर्ज करानी होगी। तय समय में आपत्तियां मिलने के बाद प्रशासन उनकी सुनवाई करेगा और उनका नियमनुसार निस्तारण किया जाएगा।
चंदौली और मुगलसराय तहसील के 52 गांव प्रभावित
इस नए स्पार के निर्माण से चंदौली तहसील के 46 गांव और मुगलसराय तहसील के 6 गांव सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। बड़ी संख्या में किसानों की उपजाऊ जमीन इस परियोजना की जद में आ रही है। किसानों के लिए सबसे मुख्य चिंता जमीन का सही रकबा दर्ज होना, भूमि की प्रकृति का सही आकलन और उचित मुआवजे का निर्धारण होना है।
मुआवजे की दर को लेकर कर सकते हैं आपत्ति
निर्माण एजेंसी की ओर से सूची प्रकाशित किए जाने के बाद किसान अपने दस्तावेजों और भूमि विवरण की गहन जांच कर रहे हैं। जमीन के रकबे में अंतर, खसरा संख्या या नाम में किसी गलती, भूमि की श्रेणी और प्रस्तावित अधिग्रहण में शामिल रकबे को लेकर किसान अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इसके साथ ही मुआवजे की दर को लेकर भी किसान अपनी बात रख सकते हैं।
दस्तावेजों की जांच और निस्तारण के बाद तय होगा मुआवजा
प्रशासन का कहना है कि किसानों द्वारा प्रस्तुत किए गए दावों और दस्तावेजों की सत्यता परखने के बाद ही आपत्तियों का निस्तारण होगा। आपत्तियों की पूरी प्रक्रिया खत्म होने के बाद ही भूमि अधिग्रहण और मुआवजा देने की अगली कानूनी कार्यवाही शुरू की जाएगी। प्रशासन के लिए इतनी बड़ी संख्या में आपत्तियों का पारदर्शी तरीके से निस्तारण करना एक बड़ी चुनौती है।
116 किलोमीटर लंबा होगा यह नया एक्सप्रेसवे स्पार
पूर्वांचल-विंध्य एक्सप्रेसवे स्पार की कुल लंबाई लगभग 116 किलोमीटर होगी। यह मार्ग चंदौली के साथ-साथ गाजीपुर और मीरजापुर जिले से होकर गुजरेगा। इस रूट के बनने से पूर्वांचल के कई जिलों की कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व सुधार आएगा।
पंजाब की तर्ज पर उचित मुआवजे की मांग
दूसरी ओर, अपनी उपजाऊ जमीन दिए जाने को लेकर स्थानीय किसान काफी सशंकित हैं और वे विरोध भी दर्ज करा रहे हैं। किसानों की स्पष्ट मांग है कि उन्हें अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का पंजाब राज्य की तर्ज पर उचित और बाजार दर के हिसाब से बेहतर मुआवजा दिया जाए, ताकि उनके भविष्य पर कोई आर्थिक संकट न आए।