पंडित कमलापति त्रिपाठी जिला अस्पताल में कन्या भ्रूण हत्या और महिला सशक्तिकरण पर वर्कशाप
जिला अस्पताल में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
महिला कल्याण विभाग ने कन्या भ्रूण हत्या और महिला सशक्तिकरण पर दिया जोर
महिलाओं और बालिकाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने की जरूरत
चंदौली जिले के पंडित कमलापति त्रिपाठी जिला अस्पताल के मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य विंग में बुधवार को महिला कल्याण विभाग द्वारा कन्या भ्रूण हत्या और महिला सशक्तिकरण पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में महिलाओं और बालिकाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना और उन्हें सशक्त बनाना था।
'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान पर जोर
कार्यशाला में उपस्थित लोगों को सरकार के प्रमुख अभियान "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि बालिकाओं को बचाने और उन्हें शिक्षित करने के लिए सामाजिक दृष्टिकोण में बदलाव लाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जिसका समाधान हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, अधिकारियों ने कहा कि महिला सशक्तिकरण एक बेहतर और संतुलित समाज के निर्माण में सहायक होता है, क्योंकि यह लैंगिक समानता को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, और यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम उन्हें प्रोत्साहित करें। विशेष रूप से महिलाओं को अपनी सोच बदलने और बेटियों को पढ़ने-लिखने का मौका देने के लिए प्रेरित किया गया।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि बच्चों को बचपन से ही अच्छे संस्कार दिए जाने चाहिए और लड़का-लड़की में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के समय में महिलाएं सशक्त भारत की जरूरत हैं। इस अवसर पर सभी को कन्या भ्रूण हत्या रोकने और महिलाओं को सशक्त बनाने का संकल्प दिलाया गया।
सरकारी योजनाओं की जानकारी
कार्यक्रम में महिला कल्याण विभाग के कर्मचारियों ने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा बालिकाओं के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा और रोजगार तक के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। इसके अलावा, अन्य विभागीय योजनाओं के बारे में भी बताया गया, ताकि महिलाएं और बालिकाएं सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
इस कार्यक्रम में डॉ. केसी सिंह, श्रीमती रागिनी सिंह डीएमसी, जेंडर स्पेशलिस्ट रंजना श्रीवास्तव, पुष्पा कुशवाहा और स्वास्थ्य विभाग से एएनएम और आशा कार्यकर्ता सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे।