चुरमुली के अलावा भारतमाला प्रोजेक्ट से भी डूबे गांव, बाढ़ पीड़ितों को बचाने खुद पानी में उतरे भाजपा नेता व अफसर

चंदौली में बाढ़ से हाहाकार के बीच चुरमुली गांव में भाजपा नेता राणा प्रताप सिंह और तहसीलदार ने खुद पानी में उतरकर मोर्चा संभाला। वहीं, भारतमाला परियोजना भी किसानों के लिए मुसीबत बनी, पढ़िए ग्राउंड जीरो की रिपोर्ट।
 

चंदौली में बाढ़ से बिगड़े हालात

पानी में उतरे भाजपा नेता राणा प्रताप

तहसीलदार ने खुद संभाला बचाव मोर्चा

भारतमाला परियोजना के कारण डूबे गांव

चंद्रप्रभा और गड़ई नदी का बढ़ा जलस्तर

चंदौली जिले में इस समय बाढ़ ने लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर की वजह से कई गांवों में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। एक तरफ नदियों का कहर है, तो दूसरी तरफ विकास के नाम पर हो रही लापरवाही भी ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है। बताया जा रहा है कि भारतमाला परियोजना में जल निकासी की सही व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसी हालत में प्रशासन के साथ-साथ अब जनप्रतिनिधि भी लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं।

पानी में उतरे भाजपा नेता
बुधवार को सदर तहसील क्षेत्र के चुरमुली गांव में बाढ़ का कहर देखने को मिला। यहां घरों और रास्तों में पानी भर गया है, जिससे लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। इसी बीच गांव का जायजा लेने पहुंचे भाजपा के वरिष्ठ नेता राणा प्रताप सिंह ने गजब का जज्बा दिखाया। वे बिना किसी झिझक के खुद ही बाढ़ के पानी में उतर गए। उन्होंने फंसे हुए ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकालने में पूरी मदद की। साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन से भी अपील की है कि बाढ़ पीड़ितों तक जल्द से जल्द राहत सामग्री पहुंचाई जाए।

चंदौली में बाढ़ से बिगड़े हालात

पानी में उतरे भाजपा नेता राणा प्रताप

तहसीलदार ने खुद संभाला बचाव मोर्चा

भारतमाला परियोजना के कारण डूबे गांव

चंद्रप्रभा और गड़ई नदी का बढ़ा जलस्तर@BJP4UP @dmchandauli @mediacellsp @cdochandauliup pic.twitter.com/H2Q67dCxB9

— Chandauli Samachar (@chandaulinews) September 2, 2026


तहसीलदार ने भी पेश की मिसाल
राहत की बात यह रही कि इस दौरान चंदौली सदर के तहसीलदार भी मौके पर मौजूद थे। गांव वालों की परेशानी देखकर तहसीलदार साहब से भी नहीं रहा गया। वे भी ग्रामीणों को बचाने के लिए सीधे पानी में उतर पड़े। अधिकारी और नेता को इस तरह अपने बीच पाकर गांव वालों को भी काफी हौसला मिला। तहसीलदार ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और हिदायत दी कि बिना किसी जरूरी काम के पानी में बिल्कुल न जाएं। दोनों के पानी में उतरकर काम करने की तस्वीरें इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

भारतमाला परियोजना ने बढ़ाई मुसीबत
एक तरफ नदियों का कहर है, तो दूसरी तरफ विकास के नाम पर हो रही लापरवाही भी ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है। बताया जा रहा है कि भारतमाला परियोजना में जल निकासी की सही व्यवस्था नहीं की गई है।इस लापरवाही की वजह से लौंदा और उसके आसपास के कई गांवों की फसलें पूरी तरह पानी में डूब गई हैं। किसानों की मेहनत बर्बाद हो रही है, लेकिन अब तक कोई अधिकारी इस समस्या की सुध लेने नहीं पहुंचा है। ग्रामीणों की मांग है कि डीएम साहब खुद आकर यहां की बदहाली देखें।

नदियों के उफान से जनजीवन अस्त-व्यस्त
आपको बता दें कि चंदौली में चंद्रप्रभा और गड़ई नदी अपने पूरे उफान पर हैं। इसके अलावा बांधों से जो पानी छोड़ा गया है, उसने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है। कई गांवों में तो पानी घरों के अंदर तक पहुंच चुका है। फिलहाल प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है। नेता राणा प्रताप सिंह और तहसीलदार ने गांव वालों को भरोसा दिलाया है कि इस मुश्किल वक्त में वे जनता के साथ खड़े हैं और हर प्रभावित परिवार तक मदद पहुंचाई जाएगी।