DDU जंक्शन पर ओवरचार्जिंग का खेल! 14 की पानी बोतल 20 में बेची, सोशल मीडिया पर यात्री ने खोली पोल

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर यात्रियों से तय दाम से ज्यादा पैसे वसूलने और फर्जी आईडी पर अवैध वेंडिंग का धंधा जोरों पर है। सोशल मीडिया पर शिकायत के बाद रेलवे प्रशासन और आरपीएफ की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
 

डीडीयू जंक्शन पर भारी ओवरचार्जिंग

14 रुपये का पानी 20 में बिका

फर्जी आईडी से चल रही वेंडिंग

रेलवे के वाणिज्य विभाग की चुप्पी

जांच कर कार्रवाई की उठी मांग

चंदौली जिले के मशहूर पंडित दीनदयाल उपाध्याय (DDU) जंक्शन पर रेल यात्रियों की जेब काटने का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। स्टेशन पर सामानों की ओवरचार्जिंग (तय कीमत से ज्यादा वसूलना) और बिना लाइसेंस वाले अवैध वेंडरों का बोलबाला फिर से बढ़ गया है। यहां संचालित स्टालों पर यात्रियों से हर चीज की मनमानी कीमत वसूली जा रही है, जिससे यात्रियों में रेलवे के प्रति भारी नाराजगी और गुस्सा देखने को मिल रहा है।

यात्री ने सोशल मीडिया पर खोली पोल
इस लूट का खुलासा तब हुआ जब दीपक नाम के एक रेल यात्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर रेलवे को टैग करते हुए शिकायत दर्ज कराई। दीपक का आरोप है कि प्लेटफार्म संख्या-3 पर स्थित 'शरीफन इंटरप्राइजेज' के स्टाल पर खुलेआम धांधली हो रही है। वहां 14 रुपये में मिलने वाली रेल नीर पानी की बोतल 20 रुपये में और 40 रुपये की कोल्ड ड्रिंक सीधे 50 रुपये में बेची जा रही है। यात्री ने इस लूटपाट की जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

यहां क्लिक करके देखें वीडियो..कैसे ट्रेनों में पानी बेच रहे अवैध वैंडर

फर्जी आईडी के सहारे अवैध वेंडिंग का धंधा
ओवरचार्जिंग के अलावा जंक्शन पर अवैध वेंडरों का जमावड़ा भी एक बड़ी सिरदर्दी बन गया है। सूत्रों के मुताबिक, जिन वेंडरों के पास वैध लाइसेंस हैं, उनकी आड़ में कई गुना अधिक लोग फर्जी पहचान पत्र (ID) का इस्तेमाल कर ट्रेनों और प्लेटफार्मों पर सामान बेच रहे हैं। चर्चा है कि कुछ सुरक्षाकर्मियों की कथित मिलीभगत और रेलवे के वाणिज्य विभाग की रहस्यमयी चुप्पी के कारण ही यह अवैध कारोबार बिना किसी डर के स्टेशन परिसर में फल-फूल रहा है।

कार्रवाई न होने से उठे गंभीर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व में यार्ड इलाके में एक अवैध वेंडर की मौत की बड़ी घटना भी हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद रेलवे प्रशासन ने कोई सबक नहीं सीखा। अब यात्रियों और सामाजिक संगठनों ने रेल प्रशासन, आरपीएफ और संबंधित विभागों से इस पूरे रैकेट की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि दोषियों को सजा मिले और यात्रियों को सुरक्षित व सही दाम पर सुविधाएं मिल सकें।