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शहाबगंज में सूखे 227 हैंडपंप व कुएं, अधिकारी इधर भी दे ध्यान, पेयजल को रही परेशानी
tds_top_like_showtds_top_like_showtds_top_like_showtds_top_like_showtds_top_like_show चंदौली जिले में जमीन के गिरता जलस्तर से पेयजल की समस्या हो गई। कहीं हैंडपंप सूखे हैं तो कहीं कुआं जवाब दे रहा है। ऐसे में लोगों की प्यास कैसे बुझेगी। हैंडपंपों की मरम्मत के लिए ग्राम पंचायतों में धनराशि मुहैया कराई जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों की लापरवाही के चलते खराब
 
शहाबगंज में सूखे 227 हैंडपंप व कुएं, अधिकारी इधर भी दे ध्यान, पेयजल को रही परेशानी

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चंदौली जिले में जमीन के गिरता जलस्तर से पेयजल की समस्या हो गई। कहीं हैंडपंप सूखे हैं तो कहीं कुआं जवाब दे रहा है। ऐसे में लोगों की प्यास कैसे बुझेगी। हैंडपंपों की मरम्मत के लिए ग्राम पंचायतों में धनराशि मुहैया कराई जाती है।

ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों की लापरवाही के चलते खराब हैंडपंपों की मरम्मत नहीं हो पाई है। इसका खामियाजा गर्मी की शुरुआती दिनों से लोगों को भुगतना पड़ रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शहाबगंज सहित क्षेत्र के 207 हैंडपंप पानी नहीं दे रहे 20 कुएं सूख गए हैं। इससे दिक्कत हो रही है।

इस बाबत ग्रामीणों का कहना है कि अब बरसात का मौसम आने वाला है ऐसे में बूंद तो बरसेगा लेकिन शुद्ध पेयजल के लिए ग्रामीणों को तरसना पड़ता है। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए और समस्या के निराकरण के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए।

आप को बता दें कि शहाबगंज विकास खंड की 72 ग्राम पंचायतों के सभी गांवों में करीब 1265 हैंडपंप व 50 कुआं हैं। गर्मी की शुरूआत होते ही हैंडपंप पानी नहीं दे पाते और कुएं सूख जाते हैं। इसके लिए हर साल कार्ययोजना बनती है लेकिन कागजों से बाहर नहीं आ पाती है। स्थानीय लोगों ने कहा हैंडपंपों के लिए गहरी बोरिग होनी चाहिए।

इस सम्बन्ध में प्रभारी खंड विकास अधिकारी धर्मजीत सिंह का कहना है कि गर्मी के दिनों में पेयजल की किल्लत हो जाती है। ऐसे में ग्राम पंचायतों को शुद्ध पेयजल ग्रामीणों को मुहैया कराने की जिम्मेदारी दी गई है। खराब हैंडपंपों को चिन्हित कराकर उसकी मरम्मत कराई जाएगी।