शहाबगंज ब्लॉक के शाहपुर गांव में फेल है स्वच्छता मिशन, दलित बस्ती के पास बना शौचालय बेकार
शोपीस बनकर रह गया सामुदायिक शौचालय
ग्रामीण खुले में शौच जाने को मजबूर
लाखों खर्च के बाद भी नहीं मिल रहा है योजना का लाभ
चंदौली जिले के शहाबगंज में स्वच्छ भारत मिशन के तहत लाखों रुपए खर्च करके बनाए गए सामुदायिक शौचालय की बदहाली ने सरकार के स्वच्छता अभियान की पोल खोल दी है। शहाबगंज विकासखंड के शाहपुर गांव में दलित बस्ती के पास बना यह शौचालय आज केवल शोपीस बनकर रह गया है। बाहर से तो इसकी दीवारें चमचमा रही हैं, लेकिन अंदर गंदगी का अंबार लगा है। इस स्थिति से मजबूर होकर ग्रामीण, विशेषकर महिलाएं और बच्चियां, आज भी खुले में शौच जाने को विवश हैं।

लाखों का खर्च, फिर भी हालात बदतर
शाहपुर में सामुदायिक शौचालय का निर्माण ग्रामीणों को खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से किया गया था। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। लाखों रुपए खर्च होने के बावजूद यह शौचालय आज उपयोग के लायक नहीं है। शौचालय की टंकी में झाड़-झंखाड़ उग आए हैं, और नल-टोंटियों से पानी नहीं आता। अंदर की दीवारों पर गंदगी और बदबू है, जिसके कारण ग्रामीण यहां जाने से कतराते हैं।

महिलाओं और बच्चियों के लिए बड़ी समस्या
खुले में शौच जाने की मजबूरी से सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चियों को उठानी पड़ रही है। बरसात के दिनों में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि खुले में शौच जाने पर संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस शौचालय के निर्माण में ही मानक और गुणवत्ता की अनदेखी की गई।

प्रशासन की लापरवाही और ग्रामीणों का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि शौचालय के निर्माण के बाद से इसके रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कई बार इसकी शिकायत भी की। ग्रामीणों के अनुसार, मौजूदा प्रधान नंदपाल ने मरम्मत का काम करवाया तो था, लेकिन उनका ध्यान मरम्मत से ज्यादा ‘माल बटोरने’ पर था। नतीजतन, बाहर से चमकता यह शौचालय अंदर से बदहाल ही रहा।
ग्रामीण रामाश्रय, विमला देवी और शिवनाथ का कहना है कि यह सरकारी धन की बर्बादी के अलावा कुछ नहीं है। उनका मानना है कि स्वच्छ भारत मिशन का उद्देश्य इस गांव में अधूरा ही रह गया है।

अधिकारी ने दिया जांच का आश्वासन
जब इस मामले में एडीओ पंचायत अरविंद सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें सचिव द्वारा शौचालय के पूर्ण होने की जानकारी दी गई थी। उन्होंने कहा कि यदि शौचालय में गंदगी पाई जाती है तो जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

इस स्थिति से साफ है कि सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में किस तरह की लापरवाही बरती जाती है। अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह शौचालय केवल एक सरकारी इमारत बनकर रह जाएगा, और गांव के लोग स्वच्छता से वंचित ही रहेंगे।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*








