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खेल दिवस पर नेशनल इंटर कॉलेज में वॉलीबाल व कबड्डी का आयोजन
विद्यालय के अध्यापक व खिलाड़ियों द्वारा भी उनके चित्रपर माल्यार्पण किया गया। इस दौरान विद्यालय में खेल प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। 
 

चंदौली जिले के सैयदराजा के नेशनल इंटर कॉलेज में हाकी के जादूगर कहे जाने वाले ध्यान चंद्र का जन्मदिन दिवस को खेल दिवस के रूप में मनाया गया। मुख्य अतिथि सैयदराजा थाना प्रभारी ने उनके तैलचित्र पर माल्यार्पण किया। वहीं विद्यालय के अध्यापक व खिलाड़ियों द्वारा भी उनके चित्रपर माल्यार्पण किया गया। इस दौरान विद्यालय में खेल प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। 

बता दें कि सैयदराजा नेशनल इंटर कॉलेज में गेम टीचर भारत भूषण सिंह व प्रशिक्षक पंकज कुमार सिंह द्वारा ध्यानचंद का जन्मदिवस मनाने तैयारी की गयी थी। 

इस दौरान खिलाड़ियों को मेजर ध्यानचंद के बारे में बताया गया। उनका जन्म 28 अगस्त 1905 में इलाहाबाद में हुआ था। यह एक राजपूत परिवार से संबंध रखते थे। बाल जीवन में ही खिलाड़ी के रूप में विशेष लक्षण दिखाई देने लगा था। इन्होंने साधारण शिक्षा प्राप्त करने के बाद 16 वर्ष की अवस्था में 1922 में दिल्ली में प्रथम ब्राम्हण रेजीमेंट में तैनात में एक साधारण सिपाही की हैसियत से भर्ती हो गए। जब फर्स्ट ब्राम्हण रेजीमेंट में भर्ती हुए तो उस समय उनके मन में हॉकी के प्रति कोई दिलचस्पी नहीं थी। ध्यानचंद को हॉकी खेलने के लिए प्रेरित करने का काम रेजिमेंट के एक सूबेदार मनोज तिवारी ने किया। उनके द्वारा उन्हें हॉकी खेल में रुचि लेने के लिए प्रेरित किया गया और देश का महान खिलाड़ी बनने में मदद की गयी। हॉकी के खेल में महारत हासिल करने के बाद उन्होंने 1000 से अधिक गोल करने का रिकॉर्ड बनाया। इसीलिए इन्हें हॉकी के जादूगर के नाम से जाना जाता है।

आज इनके जन्मदिन को नेशनल इंटर कॉलेज के खेल प्रेमियों द्वारा खेल दिवस के रुप में मनाया गया। जन्मदिन के अवसर पर प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें वालीवाल  व कबड्डी खेला गया और जीतने वालों को पुरस्कार दिया गया। 

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए सैयदराजा थाना प्रभारी शेषधर पांडेय द्वारा खिलाड़ियों से परिचय लेते हुए प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया। साथ ही विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। 

इस दौरान सैयदराजा थाना प्रभारी ने बताया कि खेल की प्रतियोगिता स्पर्धा होती है। इसमें विद्रोह व दुश्मनी का भाव नहीं होना चाहिए। सभी खेल प्रेमियों को आपस में ल्क्ष्य के प्रति सजग होकर जीत हासिल करनी चाहिए। खेल में जुझारू पन देखने को मिलना चाहिए। आपसी विद्रोह या आपसी मतभेद कभी नहीं होना चाहिए।

इस दौरान इस कार्यक्रम के आयोजनकर्ता नेशनल इंटर कॉलेज के खेल अध्यापक भारत भूषण सिंह ने बताया कि खेल दिवस के अवसर पर इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें मेरे सहयोगी अध्यापक पंकज सिंह द्वारा सहयोग किया गया। इस दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल कुमार सिंह ने इस प्रतियोगिता के आयोजन पर सभी को विद्यालय की तरफ से धन्यवाद ज्ञापन किया।

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