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24 नवम्बर से 28 नवम्बर ऐसा रहेगा चंदौली का मौसम, किसानों को यह है सलाह

मौसम विज्ञान विभाग के द्वारा प्राप्त जानकारी व मौसम पूर्वानुमान के आंकड़ों के अनुसार आगामी सप्ताह में 24 नवम्बर से 28 नवम्बर तक में जनपद में वर्षा होने की संभावना नहीं है।
 
मौसम के बारे में ऐसी है भविष्यवाणी, वर्षा होने की संभावना नहीं

चंदौली जिले के कृषि विज्ञान केन्द्र व भारत मौसम विज्ञान विभाग के द्वारा प्राप्त जानकारी व मौसम पूर्वानुमान के आंकड़ों के अनुसार आगामी सप्ताह में 24 नवम्बर से 28 नवम्बर तक में जनपद में वर्षा होने की संभावना नहीं है। जिले के अधिकांश इलाके में बादल साफ रहने का आसार हैं।

वैज्ञानिकों का कहना है कि जिले का औसत अधिकतम तापमान 27.0 से 28.0 डिग्री सेंटीग्रेड के मध्य रहेगा, जबकि न्यूनतम तापमान 11.0 से 13.0 डिग्री सेंटीग्रेड के मध्य रहने का अनुमान है। 

इसके साथ ही साथ जिले के मौसम में आर्द्रता 48 % से 64% के मध्य होने का अनुमान है तथा सामान्य गति से ज्यादातर उत्तरी–दक्षिणी दिशा की ओर हवा चलने की संभावना है। 

Mausam Update
कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक व प्रभारी डॉ. एसपी. सिंह व विषय वस्तु विशेषज्ञ  कृष्ण मुरारी पाण्डेय ने किसानों को सलाह देते हुए कहा है कि खरीफ फ़सलों के बचे हुए अवशेषों को ना जलाएं। इससे उत्पन्न धुंध के कारण सूर्य की किरणे फसलों तक कम पहुचती हैं, जिससे फसलों में वाष्पोत्सर्जन व भोजन बनाने में कमी आती है। इस कारण फसलों की उत्पादकता व गुणवत्ता प्रभावित होती है। 


सरसों की खेती करने वाले लोगों को बताया कि  समय पर बोई गई सरसों की फ़सल में विरलीकरण तथा खरपतवार नियंत्रण का कार्य करें।
 

धान की खेती करने वाले किसान भाईयों को सलाह है कि मौसम को ध्यान में रखते हुए धान की फसल यदि कटाई योग्य हो गयी तो कटाई शुरू कर दें। फसल कटाई के बाद फसल को 2-3 दिन खेत में सुखाकर गहाई कर लें। उसके बाद दानों को अच्छी प्रकार से धूप में सूखा कर ही भण्डारण करें। भंडारण के पूर्व दानों में नमी 12 % से कम ही होनी चाहिए। 


जिले में गेंहू की खेती करने वाले किसान भाईयों को सलाह है कि मौसम को ध्यान में रखते हुए गेंहू की बुवाई हेतु खाली खेतों को तैयार करें तथा उन्नत बीज व खाद की व्यवस्था करें, जिन खेतों में दीमक का प्रकोप हो तो क्लोरपाईरिफाँस (20 ईसी) @ 5 लीटर प्रति हैक्टर की दर से पलेवा के साथ दें। 


जिले में आलू की खेती करने वाले किसान भाईयो को सलाह है कि आलू के पौधों की ऊँचाई यदि 15-22 से.मी हो जाए तब उनमें मिट्टी चढ़ाने का कार्य जरूरी है अथवा बुवाई के 30-35 दिन बाद मिट्टी चढ़ाई का कार्य सम्पन्न करें। 


गेंदा के फूल की खेती करने वाले किसान भाइयों के बारे में कहा कि पछेती गेंदे की तैयार पौध की रोपाई करें। 


जिले में बतख पालन में बहुत सारे किसान भाई लगे हैं। ऐसे किसानों को सलाह है कि बतखों को 20 फीसदी अनाज वाले दाने, 40 फीसदी प्रोटीन युक्त दाने (जैसे सोयाकेक या सरसों की खली), 15 फीसदी चावल का कन्ना, 10 फीसदी मछली का चूरा, 1 फीसदी, नमक व 1 फीसदी खनिज लवण के साथ 13 फीसदी चोकर देना चाहिए। हर बतख के फीडर में 100-150 ग्राम दाना डाल देना चाहिए। 

चंदौली जिले के कृषि विज्ञान केन्द्र के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के मोबाईल नंबर – 7566791798 पर फोन करके ग्रामीण कृषि मौसम सेवा का लाभ ले सकते हैं। यहां और भी जानकारी ली जा सकती है।

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