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नौगढ़ में वन कर्मियों ने क्यों दिया डीएफओ को अल्टीमेटम
 

चंदौली जिले के तहसील नौगढ़ में काशी वन्यजीव प्रभाग रामनगर के डीएफओ के द्वारा कोरोना काल में पिछले साल आश्वासन दिए जाने के बाद भी मांगों को पूरा नहीं किए जाने से नाराज दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी आक्रोशित हैं और अब आंदोलन करने वाले हैं। 

  आपको बता दें कि  दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ के सदस्यों ने सोमवार को चंद्रकांता वन विश्राम गृह पर जिलाध्यक्ष विश्वनाथ यादव की अध्यक्षता में बैठक करते हुए एक बार फिर आंदोलन करने की चेतावनी दिया है। इस दौरान उन्होंने वन विभाग के डीएफओ रामनगर  के खिलाफ नारेबाजी भी किया। दैनिक वेतन भोगी कर्मियों ने चेतावनी देते हुए  कहा कि बकाया भुगतान न मिलने और अन्य मांगों को लेकर वे एक बार फिर आंदोलन कर सकते हैं। 8 सूत्री मांगों को पूरा करने में विलंब हुआ तो 20 सितंबर से धरना प्रदर्शन शुरू होगा। 

दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष विश्वनाथ यादव  ने कहा कि प्रभागीय वनाधिकारी रामनगर के द्वारा पिछले साल चल रहे धरना स्थल पर आकर वनकर्मियों की समस्याओं को पूरा करने को लेकर एक समझौता किया था परन्तु उसका अनुपालन 1 साल  बीतने के बाद भी नहीं किया गया है। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राज कर्मचारी महासंघ के प्रदेश संरक्षक त्रिवेणी प्रसाद खरवार ने कहां की मांगों को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल 17 अगस्त को प्रभागीय कार्यालय में डीएफओ से जाकर मिला था और दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की समस्याओं को सुलझाने हेतु 5 सितंबर की तिथि निर्धारित किया, लेकिन वे नहीं आए।

राज्य कर्मचारी महासंघ के सलाहकार तथा दैनिक वेतन भोगी संघ के संरक्षक रमाशंकर सिंह यादव ने कहा कि डीएफओ रामनगर के अड़ियल रुख का यह परिणाम है कि संगठन को बार-बार आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ता है।

Dfo ultimatom to forest
 इस मौके पर दैनिक वेतन कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष मुरारी सिंह, महा संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शमीम खान के अलावा प्रमुख रूप से द्वारिका मोदनवाल, जय श्री प्रसाद, कमलेश यादव, शिव कुमार विश्वकर्मा, रामखेलावन, भोरिक यादव,  रामरतन चौहान, रामखेलावन, रफीक, नरसिंह, मस्तराम, सुभाष, शिवकुमार, बाबूलाल, राजकुमार, असलम, मकसूदन, राम अवध, अफरोज, बाबूलाल, बृजमोहन, शैलेश, कांता, शिवकुमार विश्वकर्मा समेत नौगढ़, मझगांई, जयमोहनी व चंद्रप्रभा रेंज के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी मौजूद थे।