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पंचायत चुनाव के पर्चा व खर्चा की जानकारी न देने वाले RO- ARO तथा BDO के खिलाफ होने जा रही है कार्रवाई

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ड्यूटी करने वाले  RO,ARO तथा BDO द्वारा पर्चा बिक्री की राशि तथा जमानत राशि का ब्यौरा उपलब्ध न कराए जाने के कारण वेतन रोकने का निर्देश दिया गया है ।

 

पंचायत चुनाव के पर्चा व खर्चा की जानकारी न देने वाले पर कार्रवाई

RO- ARO तथा BDO के खिलाफ एक्शन 

चंदौली जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ड्यूटी करने वाले  RO,ARO तथा BDO द्वारा पर्चा बिक्री की राशि तथा जमानत राशि का ब्यौरा उपलब्ध न कराए जाने के कारण संबंधित ब्लॉक के RO,ARO तथा BDO का वेतन रोकने का मुख्य विकास अधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया है ।


बताते चलें कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ड्यूटी करने वाले रिटर्निंग अफसर तथा सहायक रिटर्निंग अफसर व विकास खंड अधिकारी द्वारा नामांकन पर्चे की बिक्री की राशि तथा प्रत्याशियों द्वारा जमा की गई जमानत राशि व ट्रेजरी चालान के बारे में अभी तक राज्य निर्वाचन आयोग को सूचना  न उपलब्ध कराए जाने के कारण राज्य निर्वाचन आयोग ने सूचना न देने वाले अफसरों पर सीधे कार्यवाही करने का आदेश दिया है । जिसके मद्देनजर मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित जिले के 9 ब्लाकों के लोगों को नोटिस भेजकर ब्योरा उपलब्ध कराने की हिदायत भी दे दी गई है। 


 अब देखना है कि इस निर्धारित तिथि में जिले के 9 ब्लॉक द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के प्रचार बिक्री एवं जमानत राशि का विवरण उपलब्ध कराया जाता है या नहीं यदि ऐसा नहीं हुआ तो संबंधित रिटर्निंग अफसर, सहायक रिटर्निंग अफसर तथा विकासखंड अधिकारियों का वेतन रोक दिया जाएगा । 


वही आपको बता दें कि जब तक इन लोगों द्वारा ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराया जाएगा तब तक जिलाधिकारी के माध्यम से आयोग तक व्यवहार नहीं पहुंच पाएगा इसलिए अब राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला प्रशासन को पत्र के माध्यम से सूचना देने के लिए निर्देशित भी कर चुका है।  इसी क्रम में उच्चाधिकारियों ने अफसरों को पत्र भेजकर सूचित किया है । वही  सीडीओ कार्यालय सहित इस मामले पर फोन करने साथ ही साथ ईमेल आईडी पर इस मामले की सूचना उपलब्ध कराई गई थी।  जिसको देखते हुए अब खंड विकास अधिकारियों सहित रिटर्निंग अफसर तथा सहायक रिटर्निंग अफसर में खलबली सी मची हुई है  । 


 इस मामले को लेकर मुख्य विकास अधिकारी ने कड़े रुख अपनाते हुए बताया कि अधिकारियों को कई बार पत्र भेजकर सूचना मांगी गई थी लेकिन इन लोगो द्वारा दिलचस्पी नहीं ली जिसके कारण 24 नवंबर तक का समय दिया गया है। यदि इस समय सीमा तक पंचायत चुनाव में नामांकन पत्रों की बिक्री से हुए आय तथा नामांकन की जमानत राशि व ट्रेजरी चालान की राशि का विवरण नहीं प्रस्तुत किया जाता है तो संबंधित लोगों का वेतन रोकने तथा विभागीय कार्यवाही की जाएगी। क्योंकि जिला अधिकारी स्तर से इसकी रिपोर्ट आयोग को भेजी जाएगी।