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सकलडीहा ब्लॉक के CHC पर नियुक्त हैं आयुष्मान मित्र, मानदेय नहीं मिलने से हैं परेशान
 

चंदौली जिले मे सरकार जहां नई योजनाएं ला कर आम जनता को लाभ के लिए लगी है। वही इन योजनाओं को क्रियान्वन करने के लिए सहायकों की भर्ती भी की जा रही है, लेकिन उनको जब पारिश्रमिक नहीं मिलेगा, तो वह कार्य शिथिल  होने लगता है। इसी तरह का मामला चंदौली जनपद में तैनात आयुष्मान मित्रों के साथ भी हुआ है।


आयुष्मान योजना के तहत यह लगभग 7 महीने से सभी ब्लॉकों में तैनात आयुष्मान मित्र कार्य कर रहे हैं। लेकिन अभी तक इनको निर्धारित मानदेय नहीं दिया गया है। सबसे बड़ी बात है कि नियुक्ति के गजट में सीधा-सीधा उल्लेख किया गया है कि चयनित दैनिक भोगी कर्मचारियों को 10000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। लेकिन अब तक उनको कुछ भी नही मिला। उनकी मानें तो उच्चाधिकारी कह रहे हैं कि जब आप अपने हॉस्पिटल में आयुष्मान के तहत मरीजों का इलाज व ऑपरेशन कराएंगे तो उसके कमीशन से आपके मानदेय का भुगतान होगा। सीसीटीएनएस कराने पर ही उनको मानदेय दिया जाएगा।


 आलम यह है कि आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क उपचार की व्यवस्था है। लेकिन मरीज सरकारी हॉस्पिटल में उपचार नहीं करना चाहते हैं। इस योजना का लाभ निजी चिकित्सालयों में ही जाकर उपचार करा कर लेते हैं। इसके कई कारण भी हैं जहां सरकार द्वारा मोटी पगार दे कर चिकित्सक हॉस्पिटल में नियुक्त हैं, वह चिकित्सक किसी तरह कोरम पर पूर्ति कर ड्यूटी करते हैं और ऑपरेशान नहीं करना चाहते है, जिससे ना ही मरीज सरकारी हास्पिटल में आते है और ना ही मरीज लाने वाले का काम हो पाता है।


 इस कारण आयुष्मान मित्रों के कार्य में गुणवत्ता नहीं दिख रही है। यही नहीं आशा जो गांव में लगाई गई हैं वह भी निजी चिकित्सालय में कमीशन मिलने के कारण अपने गांव के मरीजों को ले जाकर उनका उपचार कराती हैं। इस कारण आयुष्मान मित्र और परेशान है ।


सकलडीहा ब्लाक के सीएचसी पर नियुक्त आयुष्मान मित्र विकास सिंह ने बताया कि हम लोग सात महीने से तैनात हैं। अभी तक मानदेय नही दिया गया जिससे भुखमरी के कगार पर पहुंच गए है। 


ज़ब मानदेय के संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी से कही गई तो उन्होंने कहा कि सीसीटीएनएस व उपचार तथा ऑपरेशन कराइए तो उसी के कमीशन से आप उनका मानदेय मिलेगा। हम लोगों को समझ मे नही आता कि हमलोग क्या करे।