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कई गांव में फैल रहे डायरिया, कोरी गांव में मौत के बाद भी लापरवाह बना है स्वास्थ्य विभाग
 

चंदौली जिले में डायरिया आहिस्ता-आहिस्ता पांव पसारने लगा है। डायरिया की चपेट में आने से जहां रविवार को सकलडीहा विकासखंड के कोरी गांव की दलित बस्ती में एक युवक की मौत हो गई, वहीं तीन बीमार चल रहे हैं। इसके अलावा सैयदराजा के मिश्रपुरा स्थित दलित बस्ती में डायरिया से एक दर्जन लोग पीड़ित हैं। अच्छे इलाज के लिए नौ मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ग्रामीणों ने गांवों में मेडिकल टीम भेजने व साफ-सफाई कराने की मांग की है।        

बताते चलें कि सकलडीहा विकासखंड के कोरी गांव की दलित बस्ती में एक ही परिवार के गुड्डू राम (30), सुनील (32), धन्नो देवी (27 ) व अर्जुनी (11) को डायरिया की शिकायत होने परताराजीवनपुर के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के दौरान गुड्डू की रविवार को मौत हो गई। इससे परिवार के अन्य सदस्य भी दहशत में आ गए हैं।  

ग्रामीणों की माने तो अभी तक गांव में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव व साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं की गई है। इस संबंध में सकलडीहा सीएचसी प्रभारी डॉ. एसके यादव ने बताया कि सूचना मिलने पर आशा के माध्यम से स्वास्थ्य कर्मियों की टीम बनाकर गांव में भेज दी गई है। शीघ्र ही ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने के साथ दवा का वितरण कराया जाएगा। गंभीर मरीजों को स्वास्थ्य केंद्रमें भर्ती करा कर इलाज कराया जाएगा। गुड्डू के मौत की भी जांच कराई जाएगी। यह भी जानने की कोशिश की जाएगी कि उसकी मौत डायरिया के चलते हुई या उसे कोई और भी बीमारी थी ।

वहीं सैयदराजा के बरहनी ब्लॉक स्थित मिश्रपुरा गांव की दलित बस्ती में भी डायरिया के प्रकोप से लगभग एक दर्जन लोग प्रभावित हैं। इनमें नौ लोग को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ग्राम प्रधान गौतम तिवारी ने बरहनी सीएचसी प्रभारी को इसकी सूचना देकर तत्काल साफ-सफाई व दवा वितरण कराने को कहा है। गांव में इस समय डायरिया के चपेट में एक दर्जन लोग आ चुके हैं। वे उल्टी व दस्त से ग्रसित हैं। नौ पीड़ितों की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है ।

ग्राम प्रधान से सूचना मिलने के बाद बरहनी सीएचसी प्रभारी डॉ.रितेश सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की टीम तो भेज दी लेकिन टीम के साथ कोई डॉक्टर मौके पर नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में रोष दिखा। अंत में ग्राम प्रधान ने बस्ती में साफ-सफाई कराई।