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कब्जा हटवाने गयी पुलिस व तहसील की टीम बैरंग वापस, गांव के लोगों ने किया हंगामा
 

चंदौली जिले की सकलडीहा तहसील के अभिलेख में बलारपुर गांव की साढ़े चार बीघा भूमि सकलडीहा कोट की सुधा सिंह व अन्य के नाम दर्ज है। उक्त भूमि पर सैकड़ों परिवार वर्षों से मकान बनाकर बसे हुए है। 

इसके साथ साथ जब जमीन के कुछ हिस्से पर भूस्वामी ने कब्जा दिलाने के लिए शनिवार को समाधान दिवस में गुहार लगाई। एसडीएम के निर्देश पर कब्जा हटाने पहुंची तहसील और पुलिस प्रशासन को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने उक्त भूमि को आबादी बताते हुए पूर्व में खरीदने की बात कही। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए राजस्वकर्मियों व पुलिस को बैरंग लौटना पड़ा।


तहसील मुख्यालय से चंद दूरी पर बलारपुर गांव में सैकड़ों लोग मकान बनाकर रहते है। सकलडीहा कोट की सुधा सिंह ने गांव की साढ़े चार बीघे से अधिक भूमि पर दावा करते हुए तहसील प्रशासन से कब्जा दिलाने की मांग की। लेखपाल और पुलिस प्रशासन सक्रियता दिखाते हुए आबाद लोगों को हटाकर कब्जा दिलाने पहुंच गया। लेकिन सैकड़ों की संख्या में जुटी महिलाओं और पुरुषों के विरोध के आगे प्रशासन के लोगों को बैकफुट पर आना पड़ा।

 उपजिलाधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि उक्त भूमिधरी निजी संपत्ति है। जिससे अवैध कब्जा हर हाल में हटाया जाएगा।

इसके साथ ही साथ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बलारपुर गांव में पिछले दिनों रात में आए कुछ लोगों ने अनुसूचित जाति की के लोगो की मड़ई गिरा दी। शिकायत तहसील प्रशासन, सीओ व कोतवाली में दर्ज कराई गई, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई के बजाय पूर्व प्रधान को कोतवाली में बंद कर दिया। ग्रामीणों ने पूर्व प्रधान को नहीं छोड़े जाने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी। 

वहीं मामले में सकलडीहा कोतवाल अवनीश राय का कहना है कि पूर्व प्रधान को उच्चाधिकारियों के निर्देश पर थाने में बैठाया गया है। पूर्व में दी गई तहरीर पेशबंदी में दी गई थी। जिसकी जांच सीओ साहब के द्वारा की जा रही है। जो भी जरूरी होगा कार्रवाई होगी।