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जिले में जारी है शीतलहरी का प्रकोप, हर दिन आ रहे 4-5 ब्रेन स्ट्रोक के मरीज

सर्दियों के मौसम में ब्रेन स्ट्रोक का खतरा इसीलिए बढ़ जाता है, क्योंकि दिमाग में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है।
 

चंदौली जिला अस्पताल में बढ़ रहे मरीज

शीतलहरी के कारण बढ़ रहा ब्रेन स्ट्रोक का खतरा

बुजुर्गों को रखना होगा खास खयाल

चंदौली जिले में शीतलहरी का प्रकोप जारी है और ऐसे में सावधानी न बरतने से ब्रेन स्ट्रोक के शिकार होने की संभावना बढ़ जाती है। चंदौली जिला मुख्यालय स्थित पंडित कमलापति त्रिपाठी के जिला अस्पताल की बात करें तो यहां पर प्रतिदिन चार से पांच ऐसे मरीज आ रहे हैं, जिनको ब्रेन स्ट्रोक की शिकायत दिख रही है। 

डॉक्टरों का कहना है कि शीतलहरी के कारण लोगों को ब्रेन स्ट्रोक की स्थिति उत्पन्न हो रही है। प्रतिदिन इस तरह के 100 से अधिक मरीज आ रहे हैं, जिनको सर्दी के कारण किसी न किसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इनमें से 4 से 5 मरीज ब्रेन स्ट्रोक के बताए जा रहे हैं, जिनमें ज्यादातर बुजुर्ग मरीज शामिल हैं, जिनकी उम्र 60 साल से ऊपर बताई जा रही है। ऐसे में सभी को शहर के दौरान सावधानी बरतने का निर्देश दिया है।

 ब्रेन स्ट्रोक होने के दौरान रक्त संचरण प्रभावित होता है। इसमें ब्लड क्लॉट्स के कारण नसों में ब्लॉकेज हो जाता है और दिमाग की कोई नस फट भी जाती है। सर्दियों के मौसम में ब्रेन स्ट्रोक का खतरा इसीलिए बढ़ जाता है, क्योंकि दिमाग में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है। इससे ब्लड सर्कुलेशन धीरे-धीरे कम हो जाता है और इस कारण दिमाग की नसें फट जाती हैं। ऐसे में अगर तत्काल उपचार नहीं किया गया तो मरीज को लकवा हो सकता है या उसकी जान जाने की स्थिति भी आ सकती है।

 चिकित्सकों का कहना है कि ठंड के मौसम में बचे रहने के लिए ठंडे पानी से बचना चाहिए और गुनगुने पानी का सेवन करना चाहिए। इसके बावजूद भी अगर किसी को परेशानी हो तो तत्काल चिकित्सालय की सेवा लेनी चाहिए। ठंड के मौसम में गर्म रखने वाले सामान का इस्तेमाल करें और बाहर निकलते समय शरीर को ढक कर रखें।
 

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