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जानिए नौगढ़ में अध्यापकों के न आने पर अध्यक्ष ने लगाया फोन तो क्या बोले डीएम साहब....
चंदौली जिले के विकास खंड नौगढ़ में  निलंबन, वेतन रोकने की तमाम कार्रवाई के बाद भी शिक्षकों की मनमानी लगातार बढ़ती जा रही है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि नक्सल इलाके में एक ऐसा विद्यालय है, जहां अध्यापक केवल 2 दिन आते हैं और पूरे महीने की हाजिरी लगाकर चले जाते हैं
 

ध्यापक स्कूल 2 दिन आते हैं और पूरे महीने की हाजिरी लगाते हैं

अध्यापकों की  मनमानी के विरुद्ध गांव के लोग लामबंद होकर स्कूल पहुंचे और हंगामा किया

चंदौली जिले के विकास खंड नौगढ़ में  निलंबन, वेतन रोकने की तमाम कार्रवाई के बाद भी शिक्षकों की मनमानी लगातार बढ़ती जा रही है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि नक्सल इलाके में एक ऐसा विद्यालय है, जहां अध्यापक केवल 2 दिन आते हैं और पूरे महीने की हाजिरी लगाकर चले जाते हैं।

 प्राथमिक विद्यालय हनुमानपुर के एसएमसी की महिला अध्यक्ष  तारा ने मोबाइल पर जानकारी देकर कहा कि यहां पर संबंधित अध्यापक स्कूल 2 दिन आते हैं और पूरे महीने की हाजिरी लगाते हैं।

आपको बता दें कि बृहस्पतिवार को प्राथमिक विद्यालय हनुमानपुर में अध्यापकों की इस मनमानी के विरुद्ध गांव के लोग लामबंद होकर स्कूल पहुंचे और हंगामा किया। गांव वालों के साथ पहुंची प्रबंध समिति की महिला अध्यक्ष तारा देवी ने हेड मास्टर से तैनात दो अध्यापकों के न आने का कारण पूछा। हेड मास्टर के द्वारा संतोषजनक जवाब न देने पर उसने डीएम के मोबाइल पर काल करके पूरी जानकारी दी।

sabha juti

 प्राथमिक विद्यालय हनुमानपुर पर  सुबह 9 बजे पहुंचे अभिभावकों को एक कमरे में बच्चे बैठे हुए मिले। शोरगुल सुनकर कार्यालय में बैठे प्रधानाध्यापक रणजीत राम बाहर आए तो गांव के लोगों ने सहायक अध्यापकों  के बारे में पूछताछ कर दी। हालांकि इस बीच प्रधान प्रतिनिधि जयप्रकाश सिंह उर्फ शेरू यादव तथा विद्यालय की प्रबंध समिति की अध्यक्ष तारा भी पहुंच गई थी। उसने उपस्थिति रजिस्टर मांगा तो हेड मास्टर ने पकड़ा दिया। उपस्थिति रजिस्टर में सहायक अध्यापक भोपाल सिंह और मोनू सिंह चौहान का 25 तारीख के कालम में दस्तखत नहीं था। उसके बाद से वे स्कूल नहीं आए थे। 


प्रबंध समिति की अध्यक्ष तारा देवी ने जमीन पर बैठकर ही गायब अध्यापकों को अनुपस्थित करते हुए चेतावनी दिया कि शुक्रवार से दोनों अध्यापक नहीं आए तो स्कूल में ताला लगा दिया जाएगा। उधर दो अध्यापकों के लगातार कई दिनों से स्कूल ना आने की  खबर अभिभावकों को हुई तो उनमें आक्रोश फैल गया। तमाम ग्रामीण विद्यालय पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने शिक्षकों की इस मनमानी पर गहरी नाराजगी जाहिर की। कहा कि शिक्षकों व अधिकारियों की इसी लापरवाही के चलते विद्यालयों की दशा खराब हो रही है। ग्रामीण जमालु, रामचंदर, रामनरेश, रामबली, कमलेश, रज्जू आदि ने नारेबाजी भी किया।