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अब DPRO के खिलाफ होने जा रही है कार्रवाई, इस तरह की मिली चेतावनी
 

चंदौली जिले के जिला पंचायती राज अधिकारी ब्रह्मचारी दुबे के ऊपर कार्रवाई की तलवार लटकने लगी है। ऐसा लगता है कि आला अधिकारी इनकी कार्यप्रणाली और रिपोर्टिंग से खुश नहीं है। बताया जा रहा है कि कई परियोजनाओं में पंचायती राज विभाग का कार्य संतोषजनक नहीं है। इसलिए इन्हें एक लापरवाह एवं गैर जिम्मेदार अधिकारी बताते हुए चेतावनी जारी की गई है।

 सूचना विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति और चेतावनी के पत्र के अनुसार 12 अगस्त की विभागीय समीक्षा में कई तरह लापरवाही देखी गयी है।

बताया जा रहा है कि चंदौली जिले में कुल 534 सामुदायिक शौचालय बनने हैं, जिसमें से अभी भी 150 शौचालयों पर काम चल रहा है जबकि 41 पर अभी काम ही नहीं शुरू हुआ है। जिले के मात्र 546 सामुदायिक शौचालयों की जियो टैगिंग हो पाई है। इससे पता चलता है कि पंचायती राज विभाग के कर्मचारी व अधिकारी इस कार्य के प्रति कितने लापरवाह और उदासीन हैं। 

वहीं पंचायत भवनों के निर्माण में भी 488 के लक्ष्य के सापेक्ष जिले में बन रहे 221 पंचायत भवन अपूर्ण हैं। वहां पर अभी काम अभी चल रहा है। साथ ही कई पंचायत भवन ऐसे हैं जहां अभी जमीन न मिलने के अभाव में या किसी और तकनीकी कारणों से काम नहीं शुरू हो पाया है।

Corruption in public toilet

 इसके साथ ही साथ ऑपरेशन कायाकल्प के तहत 1423 लक्ष्य के सापेक्ष केवल 289 कार्य ही पूर्ण हो पाए हैं, जबकि 1134 कार्य अभी भी प्रगति पर बताए जाते हैं।

 इसके साथ ही साथ आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण में पंचायत विभाग जहां जहां काम करा रहा है वहां की स्थिति काफी दयनीय है। पंचायत विभागे के माध्यम से निर्मित होने वाले 90 केंद्रों में से अभी भी 36 केंद्रों का निर्माण कार्य अपूर्ण बताया जा रहा है तथा वहीं ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा निर्मित कराए जाने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों में 45 के सापेक्ष केवल एक केंद्र ही अपूर्ण बताया जा रहा है। बाकी सब पर काम पूरा हो जाएगा। इस तरह से लगता है कि जिस काम को पंचायती राज विभाग करा रहा है इसमें काफी हीला हवाली की जा रही है। 

इसके साथ ही साथ बताया गया कि 31 मार्च 2018 से अब तक विद्युत विभाग के प्रथम खंड का कुल एक करोड़ 67 लाख 42 हजार 983 एवं विद्युत विभाग खंड का 35 लाख 53 हजार 060 एवं विद्युत विभाग के तृतीय खंड का एक करोड़ 60 लाख 32 हजार 105 रुपए बकाया हैं। जो कुल मिलाकर 3,63,28,148 रूपए बकाया विद्युत बिल है। इसके सापेक्ष में भुगतान की गई धनराशि अभी तक शून्य है। 

इस प्रकार देखा जा रहा है कि जारी आंकड़ों के अनुसार ब्रह्मचारी दुबे, जिला पंचायती राज अधिकारी अपने शासकीय कार्यों के प्रति एवं दायित्वों के प्रति लापरवाह हूं। इनके द्वारा अपेक्षित प्रगति लाने हेतु कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। अतः इनके खिलाफ कार्यवाही करते हुए चेतावनी जारी की जाती है।