जिले का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टलMovie prime
अब जल्द ही रिहा हो जाएंगे जिले के सबसे बड़े नक्सल कांड के जेल में बंद 17 आरोपी
सबसे बड़े नक्सली घटना के रूप में हिनौत घाट के लैंडमाइंस विस्फोट कांड को जाना जाता है। घटना के लगभग 17 वर्ष बाद न्यायालय ने जेल में बंद 17 आरोपियों को बरी करने का आदेश दिया है।
 

हिनौत घाट के लैंडमाइंस विस्फोट कांड

रिहा हो जाएंगे नक्सल कांड के आरोपी 

चंदौली जिले की सबसे बड़े नक्सली घटना के रूप में हिनौत घाट के लैंडमाइंस विस्फोट कांड को जाना जाता है। घटना के लगभग 17 वर्ष बाद न्यायालय ने जेल में बंद 17 आरोपियों को बरी करने का आदेश दिया है। पुलिस किसी आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं दे पायी। इसीलिए मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम जगदीश प्रसाद की अदालत ने यह फैसला सुनाते हुए सबको रिहा करने का आदेश दे दिया।


आपको बता दें कि इस मामले में घटना के तत्काल बाद व विवेचना के दौरान 50 लोगों को जेल भेजा गया। इसमें 45 अभियुक्तों पर अपर सत्र न्यायालय प्रथम में अलग-अलग ट्रायल चला। इस दौरान साक्ष्य व गवाहों के परीक्षण व अवलोकन के बाद कोर्ट ने पाया कि जो साक्ष्य व गवाह अभियोजन पक्ष की ओर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए हैं, वे आरोपी बनाए गए लोगों को दोष सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं है। 

इसके लिए अभियोजन की ओर से कुल 19 गवाह प्रस्तुत किए गए, जिनके परीक्षण के बाद कोर्ट ने आरोपियों को बेगुनाह पाते हुए दोषमुक्त करार दिया। न्यायालय की ओर से अपराध अंतर्गत धारा-307, 396, 412 आईपीसी के अतिरिक्त 3/4 लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के साथ-साथ धारा-3 व 5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के आरोप से मुक्त करार दिया।

कोर्ट ने अपने आदेश में जेल में निरुद्ध चल रहे 17 आरोपियों को तत्काल रिहा किए जाने का आदेश दिया। साथ ही जो लोग जमानत पर रिहा चल रहे थे, उनके बंध-पत्र को निरस्त करते हुए जमानतदारों को उन्मोचित करने का हुक्म देते हुए आगे की कार्यवाही करने का आदेश दिया।