जिले का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टलMovie prime
बाबा कीनाराम को समर्पित हो गया है चंदौली का मेडिकल कालेज, इनकी थी पहल
 

चंदौली जिले में 275 करोड़ की लागत से बनने वाले राजकीय मेडिकल कॉलेज को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ में बाबा कीनाराम को समर्पित कर दिया है। अब चंदौली जिले का राजकीय मेडिकल कॉलेज बाबा कीनाराम के नाम से जाना जाएगा। चंदौली जिले का यह मेडिकल कॉलेज का नाम अब बाबा कीनाराम राजकीय मेडिकल कॉलेज होगा। 


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बात की घोषणा करते हुए नामकरण की भूमिका बनाने वाले चंदौली जिले के सांसद डॉ महेंद्र नाथ पांडेय और स्थानीय विधायक सुशील सिंह कि दिल खोलकर तारीफ की। उन्होंने साथ ही साथ चंदौली जिले के दो अन्य विधायकों को भी धन्यवाद दिया कि सारे लोगों ने मिलकर चंदौली जिले में बनने वाले इस मेडिकल कॉलेज का नाम बाबा कीनाराम के नाम पर रखने की सिफारिश की है।

 योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाबा कीनाराम केवल चंदौली जिले में ही नहीं पूरे देश में पूजनीय हैं और इनके नाम पर मेडिकल कॉलेज को समर्पित करना बड़े सौभाग्य की बात है। बाबा कीनाराम की समाधि पर हर साल हर जाति, धर्म और संप्रदाय के लोग जाकर उनको नमन करते हैं। ऐसे में वह सभी के पूजनीय हैं। ऐसे संत के नाम पर मेडिकल कालेज का नामकरण किया जाना काफी गौरव की बात है। इसके लिए उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को बहुत धन्यवाद दिया और कहा कि आज के दिन हम अपने पूर्वजों को याद करते हैं। ऐसे दिन पर वह बाबा कीनाराम के नाम पर चंदौली जिले के मेडिकल कालेज का नामकरण कर रहे हैं यह उनके लिए भी गौरव की बात है।

आपको बता दें कि चंदौली जिले के राजकीय मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग ने 322.1045 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा था। इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्माण कार्य आरंभ कराने के लिए 274.1833 करोड़ की धनराशि अवमुक्त करने के लिए कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी थी।  इसके अनुसार परिसर में चिकित्सा शिक्षा, ओपीडी, प्रशासनिक भवन, आवासीय परिसर व पार्क का निर्माण कराया जाएगा।  

नौबतपुर में बरठी-कमरौर के पास आठ हेक्टेयर में मेडिकल कालेज का निर्माण कराया जाना है। साथ ही जिला अस्पताल को भी विकसित किया जाएगा। चंदौली के नौबतपुर में मेडिकल कॉलेज के निर्माण के साथ ही जिला अस्पताल को उससे संबद्ध किया जाएगा। यहां मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए ओपीडी और लैब की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही अस्पताल में बेड की संख्या भी 300 के करीब बढ़ाई जाएगी। अभी 100 बेड जिला अस्पताल और 100 बेड मातृ शिशु कल्याण विंग में है। 100 बेड अस्पताल का निर्माण होगा। इसके अलावा चिकित्सक, जांच मशीनें, जरूरी उपकरण और कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।