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किताबों का खेल : BSA साहब आखिर कब मिलेगी जांच रिपोर्ट व कब होगी कार्रवाई, पूछ रहे हैं लोग
 

चंदौली जिले के सरकारी स्कूलों में बांटने के लिए आयीं सरकारी किताबें कबाड़ी की दुकान पर बेंच दी गयीं थी। इस मामले को चंदौली जिले के उप जिलाधिकारी ने रंगे हाथ पकड़ा था। इस मामले की जांच के लिए 3 सदस्य कमेटी का भी गठन कर दिया गया था और उम्मीद जताई गई थी कि यह कमेटी जल्द से जल्द जांच करके दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने की अपनी रिपोर्ट दे देगी, लेकिन 3 दिन से अधिक का समय बीतने के बाद भी अभी तक कोई रिपोर्ट तैयार नहीं हो पाई है। केवल पुस्तक वितरण करने वाले प्रभारी को बदलकर मामले में लीपापोती करने का प्रयास किया जा रहा है।

परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को वितरित होने वाली किताबें के कबाड़ी की दुकान पर मिलने के मामले में अभी भी जांच की कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी है। बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने प्रकरण की जांच के लिए डिप्टी बीएसए व सदर और सकलडीहा के खंड शिक्षाधिकारियों को दायित्व सौंपते हुए एक दिन में रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। लेकिन अभी तक जांच की प्रक्रिया चल रही है। 

जनपद में बीएसए कार्यालय के पास स्थित भंडारण से बीते बुधवार को नए शिक्षा सत्र की 166 बंडल किताबें धानापुर बीआरसी के लिए पिकअप पर लादकर रवाना किया गया था। लेकिन कई कुंतल किताबें बिछियां स्थित कबाड़ी की दुकान पर एसडीएम न्यायिक प्रदीप कुमार ने पकड़ी थी। इससे शिक्षा विभाग में खलबली मच गई थी। आनन-फानन में पहुंचे शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने किताबों को जब्त लिया था।

 इस प्रकरण की जांच के लिए बीएसए के द्वारा तैनात किए गए डिप्टी बीएसए राजेश कुमार चतुर्वेदी,  सदर खंड शिक्षाधिकारी सुरेंद्र बहादुर सिंह और सकलडीहा बीईओ चंद्रशेखर आजाद की तीन सदस्यीय समिति की जांच पड़ताल जारी है। बताया जा रहा है रि विभागीय कर्मी पुस्तकों का मिलान करने में जुटे हैं। 


क्या कह रहे हैं जांच अधिकारी


इस संबंध में सदर खंड शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि पूरे प्रकरण की गहनता से जांच की जा रही है। जल्द ही बीएसए साहब  को रिपोर्ट प्रेषित कर दी जाएगी। इसके बाद तय हो पाएगा कि किसके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी।