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सुनो नेता जी.. कार्यकर्ता माननीय बनाता है..वही अर्श से फर्श पर भी पहुंचाता है
चंदौली जिले में भारतीय जनता पार्टी के नेता और कार्यकर्ता जहां एक ओर 2022 में एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने का सपना देख रहे हैं
 

सोशल मीडिया में हो रही चर्चा

भाजपा के उपेक्षित कार्यकर्ताओं का छलका दर्द

चंदौली जिले में भारतीय जनता पार्टी के नेता और कार्यकर्ता जहां एक ओर 2022 में एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने का सपना देख रहे हैं और स्थानीय स्तर पर छोटे-बड़े कार्यक्रम करके कार्यकर्ताओं की महत्ता और उपयोगिता समझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वहीं कुछ कार्यकर्ता अपने आप को उपेक्षित महसूस करते हुए भारतीय जनता पार्टी के लोकल स्तर के राजनेताओं व जनप्रतिनिधियों के व्यवहार से निराशा व्यक्त कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर छलका दर्द


कार्यकर्ता अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए अपना दर्द सोशल मीडिया पर खुलेआम लिख रहे हैं और कह रहे हैं कि सपा और बसपा की सरकार के कार्यकाल में पार्टी का झंडा बुलंद करने वाले लोग डबल इंजन की सरकार में उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। साथ ही साथ वह अपनी पीड़ा को सोशल मीडिया के जरिए पार्टी के आला नेताओं तक पहचानने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि समय रहते भारतीय जनता पार्टी के नेता जाग जाएं और 2022 के चुनाव में किसी भी अनहोनी से बच सकें।

पार्टी के नेताओं को किया सतर्क

 चंदौली जिले के कमालपुर इलाके के एक कार्यकर्ता ने सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा लिखते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री डॉक्टर महेंद्र नाथ पांडेय और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सजग हो जाना चाहिए, क्योंकि चंदौली जिले में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता उपेक्षित महसूस कर रहे हैं, जो कार्यकर्ता पार्टी की देश और प्रदेश में सरकार न होने पर सड़कों पर पर संघर्ष किया करते थे और अपने घरों पर भाजपा का झंडा लगाकर गौरवान्वित महसूस करते थे.. वह आज उपेक्षित हैं और उनके घर से झंडे तक उतर गए हैं और वह पार्टी के कार्यक्रमों में आना जाना बंद कर रहा है। इसलिए पार्टी के नेताओं को सतर्क हो जाना चाहिए।

कुर्सी और दरी को बिछाने वालों को भूले नेताजी

 वहीं पार्टी के एक और कार्यकर्ता ने कहा कि हम लोग दिन रात एक कर के पार्टी को जिंदा रखने का काम करते आए हैं। छोटे बड़े आयोजनों में कुर्सियों और दरी को बिछाने का काम भी हमीं लोगों ने किया है, लेकिन तब जब पार्टी की सरकार आ गई है तो विधायक जी और सांसद जी को ऐसे लोग पसंद आ रहे हैं, जो उनके आगे पीछे घूमा करते हैं। कार्यकर्ताओं की किसी को जरूरत ही नहीं महसूस हो रही है। 

बजने लगी है खतरे की घंटी 

पार्टी के एक कार्यकर्ता ने सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा बयान करते हुए कहा कि पार्टी का जो कार्यकर्ता विपरीत परिस्थिति में पार्टी के साथ खड़ा था.. आज सत्ता और शासन रहते हुए निराश होकर बैठ गया है। पार्टी को इसका खामियाजा पंचायत चुनाव में भुगतना भी पड़ा है। इसके बाद भी कई नेताओं की आंख नहीं खुली है। नेता प्रतिनिधि अगर समय से पहले जाग नहीं गए तो विधानसभा चुनाव में बहुत बड़ी हार होने की संभावना है। पिछले विधानसभा चुनाव में 3 विधानसभा सीटों पर कब्जा करने वाली भाजपा कहीं एक या दो सीटों तक ना सिमट जाए। यह पार्टी के लोगों के लिए खतरे की घंटी वाली बात है।

आम कार्यकर्ता के पास केवल समय और सहयोग

 एक कार्यकर्ता ने तो चंदौली जिले में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के द्वारा बनाए गए सोशल मीडिया के व्हाट्सएप ग्रुप पर लिख डाला। साथ ही कहा कि चुनाव सिर पर आ गया है, लेकिन पार्टी के कार्यकर्ता निष्क्रिय हैं। पार्टी के चंद नेता बड़े-बड़े राजनेताओं की गाड़ियों में घूम रहे हैं और उनके चट्टे बट्टे छोटे-मोटे कार्यक्रम आयोजित करके खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। इनके जरिए सोशल मीडिया पर तो भौकाल बनाया जा सकता है, लेकिन विधानसभा का चुनाव नहीं जीता जा सकता है।

अभी भी समय है पार्टी के कार्यकर्ताओं की उपेक्षा बंद करके उनको सम्मान देते हुए आगे बढ़ाने का काम करना चाहिए नहीं तो भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर उत्तर प्रदेश में अपनी पुरानी कहानी दोहराने जा रही है, क्योंकि जनप्रतिनिधि बन जाने के बाद सत्ता के दंभ में लोग केवल उन लोगों को पहचानते हैं, जो नेताओं की गणेश परिक्रमा करते हैं और उनके भौकाल को मेंटेन रखने के लिए उनके ऊपर कुछ खर्च करते हैं। पार्टी के आम कार्यकर्ता के पास समय और सहयोग के अलावा कुछ नहीं होता है। ऐसे में पार्टी के कार्यकर्ता उपेक्षित होते जाते हैं।

भाजपा के एक पुराने कार्यकर्ता ने कहा कि हर बार मोदी-योगी का जादू काम नहीं करेगा..नेताजी लोगों का व्यक्तित्व व चरित्र भी जनता व कार्यकर्ता जांचने व परखने लगे हैं। यादल कर लीजिए पिछले चुनाव में कार्यकर्ता के दम पर ही जीत मिली है और आगे भी उन्हीं के दम पर मिलेगी। जो कार्यकर्ता माननीय बनाता है वही कार्यकर्ता उनको अर्श से फर्श पर भी पहुंचा देता है।