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..तो अब CMO साहब के ऑफिस में नहीं दिखेंगे अवधेश बाबू, मूल तैनाती पर ही रहने का फरमान
चंदौली जिले के चकिया जिला संयुक्त चिकित्सालय पर तैनात बाबू अवधेश सिंह एक बार फिर से महकमे में चर्चा का विषय बनने वाले हैं।
 

चकिया जिला संयुक्त चिकित्सालय

तैनात बाबू अवधेश सिंह एक बार फिर बने चर्चा का विषय 

चंदौली जिले के चकिया जिला संयुक्त चिकित्सालय पर तैनात बाबू अवधेश सिंह एक बार फिर से महकमे में चर्चा का विषय बनने वाले हैं। अवधेश सिहं को स्वास्थ्य मंत्री व  निदेशक प्रशासन के कड़े निर्देश पर सीएमओ ने 3 दिन के लिए आंशिक सम्बद्ध करने वाले आदेश को निरस्त करते हुए मूल तैनाती वाले स्थान पर तत्काल वापस भेजने का आदेश जारी कर दिया है।

बताते चलें कि विभागीय ट्रांसफर के दौरान अवधेश सिंह का ट्रांसफर जिला संयुक्त चिकित्सालय चकिया मुख्य चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में वरिष्ठ सहायक के पद पर हुआ था, जिनको सीएमओ के निर्देश पर सप्ताह में 3 दिन के लिए सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को कार्य हेतु मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय चन्दौली में सम्बद्ध किया गया था। लेकिन अब उन्हें तत्काल प्रभाव चंदौली जिला मुख्यालय से मुक्त करते हुए मूल तैनाती के जगह पर वापस भेज दिया गया है।

 इस प्रकार का लेटर सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी से वार्ता हुई तो उन्होंने इस संबंध में बताया कि स्वास्थ्य मंत्री एवं निदेशक प्रशासन के कड़े निर्देश के बाद उन्हें मूल तैनाती के जगह पर वापस किया गया है। इस संबद्धता को लेकर पहले से ही स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा नाराजगी व्यक्त किया जा रहा था, लेकिन कार्य अधिक होने के कारण उन्हें संबद्ध किया गया था लेकिन जब उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होने की आशंका होने पर उन्हें मूल तैनाती के स्थान पर 9 नवबंर 2021 को ही भेज दिया गया है।

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आपको बता दें कि स्वास्थ्य महकमे में भारी भरकम रसूखवाले और कई जिला स्तर के अधिकारियों के खासमखास माने जाने वाले अवेधश सिंह के खिलाफ किसी को आंख उठाने की हिम्मत नहीं होती है, क्योंकि वह जिले के इकलौते ऐसे बाबू हैं, जो चंदौली जिले के सांसद व कैबिनेट मंत्री डॉ. महेन्द्रनाथ पांडेय जी से भी कान में बात कर सकते हैं। 

कहा जा रहा है कि अवधेश सिंह जिले में लगभग 20 वर्षों से तैनात हैं और उनका सीएमओ ऑफिस वर्चस्व रहा है। चंदौली जिले के सीएमओ का चार्ज लेने वाला कोई अधिकारी उनको नजरंदाज नहीं कर पाता है। अब जब उनका सीएमओ ऑफिस से एकदम से छुट्टी हो गयी है तो देखना है कि वह किस तरह नए नए काम निकालकर व बहाने बनाकर जिला मुख्यालय की सैर करते हैं और अपने आला हाकिम को खुश करते हैं।