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स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में भी नीचे गिरा चंदौली, जानिए सर्वे में कौन सा मिला स्थान
देशभर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत केंद्र सरकार द्वारा साफ सफाई के काम को प्रोत्साहित करने के लिए सर्वेक्षण कराने का काम किया जाता है
 

स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग

नीचे गिरा चंदौली

जानिए सर्वे में कौन सा मिला स्थान
 

देशभर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत केंद्र सरकार द्वारा साफ सफाई के काम को प्रोत्साहित करने के लिए सर्वेक्षण कराने का काम किया जाता है और अच्छे रैंकिंग वाले शहरों को पुरस्कार भी दिया जाता है। सरकार के द्वारा करवाए गए स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 में चंदौली को 510 वां स्थान मिला है। 2020 के स्वच्छता सर्वेक्षण में जिले को 442 वां स्थान मिला था। इस तरह से देखा जाय तो जिले की एकमात्र नगरपालिका व तीन नगर पंचायत वाले जिले की स्वच्छता रैंकिंग 68 पायदान नीचे लुढ़क गयी है। 

आपको बता दें कि इस साल चंदौली जिले को 6.36 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं। यह तब है जब नगर पालिका और नगर पंचायतों में स्वच्छता के लिए लाखों रुपये खर्च किए गए हैं। जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है।

 अति पिछड़ा जिला चंदौली स्वच्छता में पिछले वर्ष के अपेक्षा 68 पायदान पीछे चला गया है। इसके पीछे का कारण नगर पालिका क्षेत्र में साफ-सफाई का बेहतर प्रबंधन न होना बताया जा रहा है। 

लोगों का कहना था कि कोरोना काल में पिछले वर्ष जिले के रैंकिंग में सुधार हुआ था और उसे 442 वां स्थान मिला था। लेकिन इस वर्ष मात्र 6.36 प्रतिशत अंक के साथ जिले को 510वां स्थान मिलना यह बताने के लिए काफी है कि स्वच्छता में लापरवाही हुई है। जिले में सैयदराजा, चंदौली, चकिया कुल तीन नगर पंचायत और एक नगर पालिका पं. दीन दयाल उपाध्याय नगर है। 

 

Swachchhata Survey

स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में जिले के एकमात्र नगर पालिका परिषद को राष्ट्रीय स्तर पर 369 वां रैंक मिला । वहीं राज्यस्तर पर इसे छठवां स्थान मिला है। 2020 में नगर पालिका की ओवरऑल रैकिंग 302 थी। यानि नगर पालिका की रैंकिंग पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष 67 पायदान नीचे खिसकी है। यह चिंताजनक है। जबकि 2019 में इसकी रैंकिंग 390 थी। 2020 में सुधार हुआ लेकिन फिर से 2021 में 67 पायदान नीचे खिसकना चिंता का विषय है। 

कहा जा रहा है कि इसका सबसे बड़ा कारण कूड़ा निस्तारण केंद्र का अभी तक पूरा न हो पाना है। नगर के कूड़ा निस्तारण के लिए सलेमपुर में जमीन चिह्नित किया गया है। लेकिन अभी तक वहां कूड़ा निस्तारण नहीं किया जाता बल्कि नगर पालिका की गाड़ियां महेवां गांव के पास मुख्य सड़क पर नगर का पूरा कूड़ा डंप करती हैं। जिससे गंदगी के साथ-साथ प्रदुषण से लोग परेशान हैं। आलम यह है कि उस मार्ग पर अब आना-जाना भी कोई पसंद नहीं करता।

 नगर पालिका के चंदासी, सिकटिया सहित कई वॉर्डों में साफ-सफाई व्यवस्था बेपटरी है। कई वॉडों में तो नियमित झाड़ू तक नहीं लगता जिसकी वजह से सड़क और चौराहों पर कूड़ा जमा रहता है।


 वैसे देखा जाय तो मुगलसराय नगर में वॉर्ड नंबर-18, कैलाशपुरी में साफ-सफाई की स्थिति काफी ठीक है। यहां नियमित घर से कूड़ा उठान के साथ ही गलियों में साफ-सफाई की जाती है।