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मुख्यमंत्री खुश नहीं चंदौली सहित इन जिलों के अफसरों के रवैए और कार्य प्रणाली से, देख लीजिए नमूना
 

 
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसुनवाई पोर्टल और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर जून-जुलाई और अगस्त माह में आई शिकायतों की समीक्षा करते हुए प्रदेश के कई जिलाधिकारियों और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाया और असंतोष जाहिर करते हुए चेतावनी दी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे अधिकारी अपनी कार्यशैली में बदलाव लाएं और लंबित प्रकरणों को एक सप्ताह के अंदर निस्तारित करें।

 बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री इस दौरान चंदौली, गोरखपुर, बलिया, गाजियाबाद जिले की प्रगति पर काफी हद तक नाराज दिखे और अफसरों की कार्यप्रणाली पर काफी असंतोष जाहिर करते हुए अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। 

इसके साथ ही साथ मुख्यमंत्री ने पुलिस के पास लंबित जनसुनवाई पोर्टल के मामले परीक्षा के दौरान गोंडा, हमीरपुर, हरदोई और सीतापुर के पुलिस कप्तानों को भी जमकर डांटा और कहा कि आप लोगों की कार्यप्रणाली से शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं है। एक सप्ताह में आप लोग अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं। साथ ही साथ अधिकारी थाना दिवस और तहसील दिवस को प्रभावी बनाने का काम करें। 

फरियादियों की संतुष्टि पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी इस बात का ध्यान रखें कि फरियादियों की संतुष्टि ही अधिकारियों की कार्यकुशलता और उनके प्रदर्शन का प्रमाण है।

वायरल बीमारियों की स्थिति 

 आपको बता दें कि मुख्यमंत्री गुरुवार की शाम को डेंगू व अन्य वायरल बीमारियों, जन सुनवाई पोर्टल, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, तहसीलों और थानों में जन शिकायतों के निस्तारण तथा पुलिस के पास लंबित विवेचनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। फिरोजाबाद, मथुरा, कानपुर नगर, लखनऊ, झांसी, मेरठ, वाराणसी व आगरा जिलों में डेंगू, मलेरिया व अन्य वायरल बीमारियों की स्थिति की जानकारी लेते हुए उन्होंने रोकथाम के लिए सभी जरूरी प्रयास करने के निर्देश दिए। 

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मुख्यमंत्री ने फिरोजाबाद में कैंप कर रही विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम से बच्चों के इलाज के बारे में विस्तार से जानकारी ली और इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर को एक्टिव करने के निर्देश दिए। साथ ही जरूरतमंदों को मुफ्त इलाज और मुफ्त मेडिकल किट उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने निजी अस्पतालों द्वारा इलाज के नाम पर मरीजों व परिवरीजनों के उत्पीड़न की कतिपय शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

चार पुलिस कप्तानों को वार्निंग

मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ में उनके आवास पर प्रतिदिन जनता दर्शन का आयोजन होता है। हर दिन फरियादी प्रदेश के विभिन्न जिलों से आते हैं। ज्यादातर मामले राजस्व व पुलिस विभाग से जुड़े होते हैं। प्रत्येक दशा में हर डीएम व एसपी रोज कम से कम एक घंटे जनसुनवाई के लिए उपलब्ध रहें। आने वाली शिकायतों की पंजिका तैयार करें और हर आवेदन का निस्तारण एक तय समय-सीमा के भीतर कराएं। 

पुलिस के पास लंबित जनसुनवाई पोर्टल एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से प्राप्त मामलों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने गोंडा, हमीरपुर, हरदोई व सीतापुर में फरियादियों की असन्तुष्टि की बात कहते हुए संबंधित पुलिस कप्तानों से जानकारी ली। साथ ही एक सप्ताह का समय देते हुए पुलिस कप्तानों को कार्यशैली में सुधार लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि फील्ड में तैनात अधिकारी थाना दिवस व तहसील दिवस को प्रभावी बनाएं। फ़रियादियों की संतुष्टि ही अधिकारियों की कार्यकुशलता और उनके प्रदर्शन का आधार बनेगी।