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DM साहब के फरमान के बाद दो चिकित्सा अधिकारियों पर गिरी गाज, हो गया तबादला
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में 3 स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारियों के ऊपर समिति के अध्यक्ष द्वारा कार्यवाही करने के निर्देश के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर बी पी द्विवेदी द्वारा दो प्रभारियों पर चाबुक चलाया गया है  ।
 

DM साहब का फरमान

दो चिकित्सा अधिकारियों पर गिरी गाज

हो गया तबादला

चंदौली जिले के जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में 3 स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारियों के ऊपर समिति के अध्यक्ष द्वारा कार्यवाही करने के निर्देश के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर बी पी द्विवेदी द्वारा दो प्रभारियों पर चाबुक चलाया गया है  ।

DM Order


 बताते चलें कि जिला स्वास्थ समिति के बैठक के दौरान समिति के अध्यक्ष जिला अधिकारी संजीव सिंह द्वारा कोरोना टीकाकरण में लापरवाही बरतने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरहनी के प्रभारी डॉ रितेश सिंह तथा चन्दौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ प्रेम प्रकाश उपाध्याय तथा चहनियां स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ संदीप सिंह के ऊपर कार्यवाही करने का सख्त निर्देश के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा इनमें से दो प्रभारियों के ऊपर कार्यवाही करने का कार्य शुरू कर दिया गया है । 


आप को बता दें कि बरहनी केंद्र प्रभारी को नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सैयदराजा के पद पर तैनात किया गया है । वहीं नवीन स्वास्थ्य केंद्र सैयदराजा के प्रभारी को बरहनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का प्रभारी बनाया गया है। इसके साथ ही साथ चंदौली के स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ प्रेम प्रकाश उपाध्याय को हटाते हुए उनके जगह पर शिकारगंज चकिया के एडिशनल पीएससी प्रभारे डॉ सुधीर मिश्रा को तैनात कर दिया गया है।

chahaniyaa dr sandip singh

अभी चहनिया की स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी के ऊपर किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई है। वही जब इस कार्यवाही की भनक चहनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ संदीप सिंह को लगी तो वह खुद ही अब फील्ड में जाकर टीकाकरण के कार्य में जुट गए है इसके साथ ही सुधार की गति को बढ़ना शुरू कर दिए हैं जैसा कि स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में देखने को भी मिल रहा है।

chahaniyaa dr sandip singh

इस कार्यवाही को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मची हुई है । अब किसी के ऊपर कभी भी कार्यवाही की जा सकती है। अब देखा जा रहा है कि क्या इस कार्यवाही के बाद भी टीकाकरण की तादात में किसी प्रकार का सुधार होता है या केवल कार्यवाही पर कार्यवाही होती जाती है।