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विधानसभा चुनाव की चंदौली में ऐसे हो रही है तैयारी, बिहार के भोजपुर जिले से आ रही हैं मशीनें
 

चंदौली जिले में विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। चुनाव से जुड़े अधिकारी ईवीएम मशीनों की जुगाड़ में लगे हुए हैं। इसके लिए जिला प्रशासन उत्तर प्रदेश के पड़ोसी राज्य से  बैलट यूनिट और वीवीपैट मशीन बनाने की तैयारी कर रहा है।

 बताया जा रहा है कि अगले साल फरवरी या मार्च तक विधानसभा चुनाव कराए जाने की उम्मीद है। इसके लिए मतदान केंद्रों और बूथों के निर्धारण की प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। ऐसे में जिला प्रशासन राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार ईवीएम मशीनों की व्यवस्था करने में जुटा हुआ है। चंदौली जनपद में बनने वाले बूथों और मतदान केंद्रों के हिसाब से जिले में ईवीएम मशीनें, बैलट यूनिट और वीवीपैट मशीन की व्यवस्था की जा रही है।

EVM Machines

 आपको बता दें कि जिला प्रशासन ने कुछ दिन पहले राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करके मंत्रणा की थी और जिले में बनने वाले बूथों व मतदान केन्द्रों को लेकर चर्चा भी की थी। अब एक बार फिर जिला प्रशासन राजनीतिक दलों से चर्चा करेगा और अपने रिपोर्ट तैयार करके निर्वाचन आयोग को भेजेगा।

कहा जा रहा है कि बिहार के भोजपुर जिले से 1260 ईवीएम मंगाई जाएगी। इसमें 420 सीयू (कंट्रोल यूनिट), 410 बीयू (बैलेट यूनिट) और 430 वीवी पैट मशीनें शामिल हैं। निर्वाचन विभाग के कर्मियों के अनुसार अभी मशीन की स्क्रीनिग का काम चल रहा है। काम पूरा होने के बाद भोजपुर प्रशासन की ओर से सूचना दी जाएगी। इसके बाद जिले के अधिकारियों-कर्मचारियों की टीम ईवीएम ले आने के लिए रवाना होगी। 

election 2022

राज्य निर्वाचन आयोग से आदेश मिलने के बाद पहले चरण में बिहार प्रांत के भोजपुर से ईवीएम मशीनें मंगाई जाएंगी। 420 सीयू, 410 बीयू व 430 बैलेट यूनिट जिले में लाई जाएगी। मशीनों को स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा जाएगा। सीसीटीवी कैमरे के साथ ही सुरक्षा बल इसकी निगरानी करेंगे। वैसे जिले में 1200 से अधिक बूथ हैं। ऐसे में और ईवीएम की जरूरत होगी। आयोग के निर्देशानुसार अन्य जिलों से ईवीएम लाई जाएगी। 

कहा जा रहा है कि कोरोना का साया विधानसभा चुनाव पर देखने को मिल सकता है। ऐसे में निर्वाचन आयोग ने विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। इस बार एक बूथ पर अधिकतम 1200 मतदाता रहेंगे। इससे अधिक संख्या होने पर मतदान केंद्रों का विभाजन किया जाएगा। अधिक मतदाताओं वाले मतदान केंद्रों पर बूथों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं की संख्या के अनुसार मतदान केंद्रों का विभाजन कर बूथों का खाका और डिटेल तैयार कर ली है। इसको लेकर अब सिर्फ राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की सहमति जरूरी है। इसके बाद विभाग आयोग को रिपोर्ट भेज देगा।