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बड़े किसान नहीं ले सकेंगे कोटेदार से फ्री वाला राशन, सरकार की यह है तैयारी
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कई ऐसे अपात्र हैं जो राशन लेकर गरीबों के हक पर डाका डाल रहे हैं और अपने राशन का उपयोग किसी और कार्य में कर रहे हैं।
 

बड़े किसान नहीं ले सकेंगे कोटेदार से फ्री वाला राशन

200 क्विंटल से अधिक धान बेचने वाले किसान होंगे बाहर

राशन का हो रहा गोलमाल

सरकार की यह है तैयारी
 

चंदौली जिले में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कई ऐसे अपात्र हैं जो राशन लेकर गरीबों के हक पर डाका डाल रहे हैं और अपने राशन का उपयोग किसी और कार्य में कर रहे हैं। अब सरकारी अफसर अपात्रों का चयन करके उनके उपर कार्रवाई करने का मन बना रही है।

ऐसा माना जा रहा है कि जल्द ही पंजीकृत अपात्रों को चिह्नित कर उन्हें राशन की सुविधा से बाहर करने के लिए तमाम तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। अब इसमें धान खरीद का पंजीकरण व उसका भुगतान भी मदद करेगा। इसके जरिए भी अपात्रों को चिह्नित किया जाएगा। दो लाख से अधिक रुपये मूल्य का धान सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचने वाले किसानों की सूची बनेगी और उन्हें कोटे की दुकानों से मुफ्त राशन नहीं मिलेगा।

कहा जा रहा है कि सरकार ने गरीबों व जरूरतमंदों को ही खाद्यान्न देने का निर्णय लिया है। गरीबों व जरूरतमंदों को राशन मुहैया कराने के उद्देश्य से सरकार खाद्य सुरक्षा मिशन लागू किया है। इसका लाभ अपात्र व्यक्ति भी ले रहे हैं। कोटेदारों से मिलीभगत कर अपात्रों ने अपना नाम सूची में शामिल कराने के साथ ही राशन कार्ड बनवा लिए हैं। उक्त लाभार्थी हर माह राशन नहीं लेते हैं। इससे सरकारी अनाज की कालाबाजारी और अनियमितता को बढ़ावा मिलता है। कोटेदार लोगों के हिस्से का राशन बाजार में बेच कर अपनी व अफसरों की जेबें भरते हैं। इस पर रोक लगाने के लिए शासन ने अब अपात्रों का नाम सूची से बाहर करने का मन बनाया है। इसके लिए धान खरीद को मानक बनाया गया है। 

सरकारी क्रय केंद्र पर 200 क्विंटल से अधिक धान बेचने वाले किसानों को सरकारी राशन नहीं मिलेगा। इसके आधार पर बड़े किसानों व सुविधा संपन्न लोगों को चिह्नित किया जाएगा। उनकी अलग सूची बनाई जाएगी। इसके बाद कार्डधारकों की सूची से ऐसे लोगों के नाम काटे जाएंगे।

ऐसे दिया जाता है राशन

प्रदेश सरकार की ओर से काडर्धारकों को हर माह दो बार सरकारी अनाज का वितरण किया जाता है। प्रति यूनिट तीन किलो गेहूं व दो किलो चावल दिया जाता है। जिले में वर्तमान में साढ़े तीन लाख से अधिक कार्डधारक हैं। उन्हें नियमित अनाज दिया जाता है। इसमें सुविधा संपन्न लोग भी अपना नाम शामिल कराकर गरीबों के अनाज पर डांका डाल रहे हैं।

चंदौली जिले के जिला पूर्ति अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि सरकारी क्रय केंद्रों पर 200 क्विंटल से अधिक अनाज बेचने वाले बड़े किसानों की सूची तैयार कराई जाएगी। इसे शासन को भेजा जाएगा। शासन स्तर के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। बड़े किसान व सुविधा संपन्न लोग खाद्य सुरक्षा योजना से बाहर किए जाने की तैयारी शुरू हो गयी है।