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निजी मोबाइल इंजीनियर दीपक सिंह के अपहरण का मास्टरमाइंड हुआ गिरफ्तार, जानिए पूरा मामला
    पुलिस से मिली जानकारी में कहा गया है कि अभी थाना मुगलसराय पर की जाने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थगित की जाती है। इस सम्बन्ध में होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस के बारे में पुनः ससमय अवगत कराया जाएगा।
 

इंजीनियर दीपक कुमार का अपहरण

नए एंगल पर जांच पड़ताल

पुलिस की प्रेस कांफ्रेंस फिलहाल टाल दी गयी

चंदौली जिले में निजी मोबाइल इंजीनियर दीपक कुमार के अपहरण के मामले में पुलिस कुछ ही घंटों में बड़ा खुलासा कर सकती है। अपहरण का नाटक करके दूसरे को फंसाने का मास्टरमाइंड का पुलिस के हाथ लगने के बाद अब नए एंगल पर जांच पड़ताल हो रही है। देर रात होने वाली पुलिस की प्रेस कांफ्रेंस फिलहाल टाल दी गयी है।

13 अक्टूबर को बुधवार की शाम को दीपक कुमार पुत्र शम्भु नाथ सिंह निवासी मन्दर पोस्ट हंडिया जिला प्रयागराज जो इंडस टावर कम्पनी में कार्यरत हैं इनके साले एवं भाई द्वारा उनके अपहरण होने की सूचना चन्दौली पुलिस को दी गई थी तथा कुछ लोगों को नामजद करते हुए थाना मुगलसराय पर तहरीर दी गई थी। जिसपर तत्काल सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत करते हुए तत्काल आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित करते हुए भौतिक व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों सहित प्राप्त अभिसूचना के आधार पर उक्त घटना का पटाक्षेप करते हुए व्यक्ति को सकुशल बरामद कर लिया गया है तथा इस घटनाक्रम का पूरा मास्टरमाइंड स्वयं अपने आपको अपहृत दिखाने वाला टेक्निशियन दीपक सिंह ही था। पूरे घटनाक्रम का विवरण एवं इसमें सम्मिलित अन्य लोगों के विषय में विस्तृत जानकारी बाद पूछताछ आप सबके समक्ष विस्तार से रखा जाएगा। प्रकरण में अन्य आवश्यक विधिक कार्यवाही प्रचलित है।

   

पुलिस से मिली जानकारी में कहा गया है कि अभी थाना मुगलसराय पर की जाने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थगित की जाती है। इस सम्बन्ध में होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस के बारे में पुनः ससमय अवगत कराया जाएगा।

इसके पहले चंदौली जिले में निजी मोबाइल कंपनी के इंजीनियर दीपक सिंह के अपहरण के मामले में सीसी कैमरे के फुटेज के जरिए ही अपहरण व तेल के खेल की गुत्थी खुलने की बात कही जा रही थी। फिलहाल पुलिस की जांच पड़ताल में अपहरण का कोई मामला नहीं दिख रहा था। इससे पुलिस और कई एंगल पर जांच पड़ताल करने का काम कर रही थी।

 अपहरण के बारे में जो भी दावे किए जा रहे थे उस पर पुलिस को ज्यादा सुराग नहीं मिल रहे थे, जिससे पुलिस कई एंगल पर काम कर रही थी, ताकि जबरन किसी को मुल्जिम बनाने से बचा जा सके। इसके लिए पुलिस को अब सीसीटीवी के कैमरों की फुटेज तलाशने के काम के साथ साथ सर्विलांस की मदद से तेजी कार्रवाई करते हुए दूध का दूध व पानी का पानी कर दिया।

   

आपको बताते चलें कि निजी मोबाइल कंपनी के इंजीनियर कि बुधवार शाम को अपहरण की सूचना मिलने पर पुलिस व परिजनों में हड़कंप मच गया है और संदेह के घेरे में रहने वाले और साले की शिकायत पर मिली तहरीर के आधार पर जिला पंचायत सदस्य समेत तीन लोगों को पुलिस द्वारा हिरासत में भी ले कर कार्यवाही शुरू कर दी गई थी, लेकिन अभी तक अपहरण का कोई सुराग न मिलने के कारण पुलिस इधर उधर हाथ पैर मार रही थी।