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सिपाही सर्वजीत यादव के हत्याकांड में बरी हो गए विधायक सुशील सिंह, ऐसे चली थी गोली
चंदौली जिले के सैयदराजा विधानसभा सीट के भारतीय जनता पार्टी के विधायक सुशील सिंह को सिपाही सर्वजीत यादव की हत्या के मामले में बरी कर दिया है।
 

सिपाही सर्वजीत यादव के हत्याकांड का मामला 
बरी हो गए विधायक सुशील सिंह


 


चंदौली जिले के सैयदराजा विधानसभा सीट के भारतीय जनता पार्टी के विधायक सुशील सिंह को सिपाही सर्वजीत यादव की हत्या के मामले में बरी कर दिया है। एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए मंगलवार को अपना फैसला सुनाया। विशेष न्यायाधीश आलोक कुमार श्रीवास्तव ने अपना फैसला सुनाते हुए 5 मार्च 2005 में हुई इस घटना के मामले में विधायक सुशील सिंह को बरी कर दिया है।

 आपको बता दें कि 5 मार्च 2005 को अनुराग त्रिपाठी उर्फ अन्नू की वाराणसी की अदालत में पेशी थी। इस दौरान जब अनु को अदालत में पेश करने के बाद प्रीजन वैन व वज्र वाहन उसको लेकर वापस आ रही थी, तभी उनके ऊपर बम और गोली से हमला कर दिया गया था, जिसमें सिपाही सर्वजीत यादव की मौत हो गई थी। संत रविदास नगर (भदोही) के गोपीगंज इलाके में हुई इस घटना के बाद गोपीगंज थाने में इस मुकदमे को दर्ज किया गया था। इस मामले में सैयदराजा के विधायक सुशील सिंह सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही शुरू की गई थी। 

उस समय इस हादसे में बैन चला रहे पुलिसकर्मी सर्वजीत यादव की मौत हो गई थी जबकि अन्नू त्रिपाठी बाल-बाल बच गया था। पुलिस द्वारा पहले तो अज्ञात बदमाशों के विरुद्ध हत्या और हत्या के प्रयास समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। तत्पश्चात मामले में अनु त्रिपाठी ने न्यायालय के समक्ष विधायक सुशील सिंह, पूर्व विधायक उदयभान सिंह उर्फ डॉक्टर, संदीप सिंह, पूर्व एमएलसी विनीत सिंह सहित 10 आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। 

इस मामले में सुशील सिंह के अधिवक्ता प्रमोद सिंह, अभिषेक तिवारी एवं अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश आलोक कुमार श्रीवास्तव ने अपना फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि पत्रावली पर ऐसा कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं है, जिसमें आरोपित को दोषी सिद्ध करार दिया जा सके।