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अब 20 नवंबर से शुरू होगा नगवां और चोचकपुर घाट को जोड़ने वाला पीपा पुल
हर साल यह पुल 15 नवंबर से यातायात के लिए खुल जाता था, लेकिन अबकी बार कुछ कारणों से देरी आ रही है। आगामी 20 नवंबर से शुरू होने की उम्मीद है।
 

नगवां और चोचकपुर घाट

अब 20 नवंबर से शुरू होगा पीपा पुल


 

चंदौली जिले के धानापुर इलाके को गाजीपुर से जोड़ने वाला पीपे का पुल आमतौर पर 15 नवंबर से शुरू हो जाना था, लेकिन एप्रोच मार्ग के सही नहीं होने और उस पर मिट्टी का जमाव अधिक होने के कारण काम में थोड़ा विलंब हुआ है और जेसीबी से रास्ते को ठीक कराने के बाद इस पुल के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ऐसा बताया जा रहा है कि आने वाले एक-दो दिनों के भीतर इस निर्माण कार्य को पूरा करा लिया जाएगा और इसे पैदल और दोपहिया वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। इससे गंगा पार से आने जाने वाले लोगों को काफी सहूलियत होगी।

इस बारे में धानापुर विकास मंच के संयोजक गोविंद उपाध्याय का कहना है कि धानापुर इलाके के नगवां और चोचकपुर घाट को जोड़ने वाले पीपा पुल का शुभारंभ कराने के लिए उन्होंने काफी प्रयास किया था और हर साल यह पुल 15 नवंबर से यातायात के लिए खुल जाता था, लेकिन अबकी बार कुछ कारणों से देरी आ रही है। आगामी 20 नवंबर से शुरू होने की उम्मीद है।

आपको बता दें कि गंगा के उस पार मौनी बाबा का एक मंदिर है जहां पर अमावस्या के दिन 3 दिन से मेला लगता है। उस मेले की शुरुआत शुक्रवार से होनी है। यह मेला आगामी 3 दिनों तक चलेगा। उम्मीद है कि मेला खत्म होने तक इस पुल पर यातायात शुरू हो जाएगा।

 Pipapul

 इस संदर्भ में धानापुर विकास मंच के संयोजक गोविंद उपाध्याय का कहना है कि अगर पीपे का पुल शुक्रवार से शुरू हो जाता तो मौनी बाबा के मेले में आने जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए काफी सहूलियत होती। इसके लिए धानापुर विकास मंच काफी प्रयास कर रहा था। लेकिन रास्ते का काम पूरा न होने के कारण इसमें देरी हुयी है।

 इस संदर्भ में प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता देवेंद्र पाल सिंह ने कहा कि नगवां और चोचकपुर पीपा पुल पर ठेकेदारों के द्वारा तेजी से काम कराए जा रहे हैं। पुल पर यातायात बहाली के पहले हर व्यवस्था को सुदृढ़ कराने की कोशिश की जा रही है ताकि किसी तरह की परेशानी न हो। संभावना यह है कि 20 नवंबर से यह पुल परिचालन के लिए खोल दिया जाय। 

इसके साथ ही साथ अधिशासी अभियंता देवेंद्र पाल सिंह ने इस बात की भी जानकारी दी है कि यह पीपा का पुल केवल पैदल आने जाने वाली जनता के साथ-साथ दोपहिया वाहनों के लिए ही बनाया जाता है। उस पर चार पहिया वाहन या भारी वाहन आने जाने की सरकारी तौर पर अनुमति नहीं है। इस बात की जानकारी भी स्थानीय लोगों के साथ-साथ ठेकेदार को दे दी जाएगी।