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विकास के रंगुवा सियार न बनें महेन्द्र नाथ पांडेय, अपने शिलान्यासों को भी रखें याद- रामकिशुन
समाजवादी नेता और पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने सांसद व कैबिनेट मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय के सियारा क पट्टा का जवाब दिया है और कहा है कि सांसद जी रंगुवा सियार न बनें और अपने द्वारा किए गए शिलान्यासों को भी याद रखें।
 

पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने सांसद महेंद्र नाथ पांडेय पर जबाब से किया वार 
शिलान्यासों को भी रखें याद सांसद महेंद्र नाथ पांडेय जी 

चंदौली जिले के समाजवादी नेता और पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने सांसद व कैबिनेट मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय के 'सियारा क पट्टा' का जवाब दिया है और कहा है कि सांसद जी 'रंगुवा सियार' न बनें और अपने द्वारा किए गए शिलान्यासों को भी याद रखें। केवल दूसरे के शिलापट्ट पर अपना नाम छपवाने की जो आदत है, वह छोड़ दें। वह कभी भी पंडित कमलापति त्रिपाठी जैसे विकास पुरुष नहीं बन सकते, क्योंकि आपकी सोच वैसी नहीं है। आपकी सोच काम कम प्रचार ज्यादा की है। आप हर छोटे बड़े काम का श्रेय अपने लेना चाहते हैं। यह अच्छी बात नहीं है। आपको अपने पद और कद का ध्यान रखते हुए काम करना चाहिए।

 समाजवादी पार्टी के नेता रामकिशुन यादव ने कैबिनेट मंत्री और सांसद महेंद्र नाथ पांडेय को याद दिलाया कि जरा वह अपने आदर्श गांव जरखोर का शिलान्यास वाला पत्थर भी देखकर आ जाएं, जिसे कई महीने पहले लगवा कर भूल गए हैं। शिलान्यास का बोर्ड लगा कर यह बताना भूल गए हैं कि काम कब से शुरू होगा। वहां पर विधायक और सांसद जी ने अपना पत्थर तो गड़वा लिया है लेकिन इस पुल का निर्माण कब होगा यह किसी को यादव नहीं है। 

इसके साथ ही साथ रामकिशुन यादव ने पूछा कि मुगलसराय विधानसभा में शिलान्यास वाला ट्रामा सेंटर और साहुपुरी में बनने वाला सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का काम कहां अटका हुआ है.. यह कौन बताएगा। इसके लिए भी खूब जोर शोर से प्रचार प्रसार हुआ था और लाखों रुपए खर्च करके विकास पुरुष बनने की नौटंकी की गई थी।

Ramkishun Yadav Reaction (2)

 रामकिशुन यादव ने पूछा कि अलीनगर से सकलडीहा जाने वाली रोड, चंदौली से सैदपुर घाट जाने वाली रोड इनके सरकारी के विकास की कहानी बताती है। जनता आते जाते इनके सरकार के कामों को खूब याद करती है। घूम घूम कर कहा करते थे कि जब डबल इंजन की सरकार होगी तो खूब विकास कार्य होंगे। 5 साल से डबल इंजन की सरकार थी जिले की दो महत्वपूर्ण सड़कें खटारा हालत में हैं.. इनको देखने वाला कोई नहीं है। 


रामकिशुन यादव ने सवाल पूछा कि सांसद जी को अपने नाम का प्रचार प्रसार इतना कराने का शौक है कि वह जिला पंचायत, नगर पालिका और नगर पंचायतों के काम को भी अपने हिस्से में गिनाया करते हैं और वहां की परियोजनाओं पर भी लगने वाले बोर्ड पर अपना नाम लिखा कर अपने आप को विकास पुरुष कहलवाना चाहते हैं। क्या यह उनकी गरिमा को शोभा देता है।

 रामकिशुन यादव ने कहा कि 144 परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण का ढिंढोरा पीटने वाले नेता जी यह बताने की कोशिश करेंगे कि मेडिकल कालेज और आईटीआई कॉलेज को छोड़कर इस में नया क्या है.. स्टेडियम की चर्चा क्यों भूल गए हैं... गंगा कटान परियोजना कहां अटकी है... इसे कौन पता लगाएगा। फ्रेट कॉरिडोर के ऊपर बनने वाले रेलवे ओवरब्रिज का श्रेय तो सांसद महोदय ले रहे हैं.. क्या वह पटना लाइन पर भोजापुर, कचमन और धीना जैसी जगहों पर भी ओवरब्रिज बनवाने की क्षमता रखते हैं क्या... अगर वास्तव में पावरफुल मंत्री हैं तो यहां ओवरब्रिज बनवा कर दिखाएं। तब उन्हें जनता विकास पुरुष के रूप में जानने और समझने की कोशिश करेगी.. अन्यथा वह तो रंगुवा सियार और प्रचार मंत्री बन कर जिले में रह जाएंगे।