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घोटाले का नया अंदाज : चंदौली जिले में चोरी हो जाती है इंटरलॉकिंग की सड़क, आप खुद पढ़ लीजिए
 

चंदौली जिले में घोटालेबाज अधिकारियों और कर्मचारियों की महिमा अपरंपार है। पहले तो वह लंबे चौड़े घोटाले करते हैं और जब जांच होती है, तो कुछ ऐसा बोल जाते हैं जिसको सुनकर आपके पैरों की जमीन खिसक जाएगी। कुछ ऐसा ही मामला चंदौली जिले के नौगढ़ विकास खंड के अमृतपुर गांव में घोटाले की शिकायत पर जांच के दौरान देखने को मिला है।

चंदौली जिले नौगढ़ ब्लाक की ग्राम पंचायत अमृतपुर में घोटाले की शिकायत पर जांच करने पहुंचे जिला पंचायतीराज अधिकारी (डीपीआरओ) ब्रह्मचारी दुबे को मौके पर इंटरलॉकिंग की सड़क नहीं दिखायी दी तो मौके पर मौजूद पंचायत सचिव गुड्डू प्रसाद ने कहा कि साहब, सड़क तो यहीं बनाई थी, लगता है वह चोरी हो गई। 

आपको बता दें कि पंचायत सचिव गुड्डू प्रसाद ने जिले के डीएम को बताया था कि बलवंत यादव के घर के पास इंटरलॉकिंग की सड़क बना दी गई है। इसी की जांच पड़ताल के लिए जिलाधिकारी ने डीपीआरओ को मौके पर भेजा था।

Scam in Amritpur village


मौके पर काम व सड़क का सबूत न मिलने कड़ी नाराजगी जताते हुए डीपीआरओ ने कहा कि सड़क कैसे चोरी हो सकती है, अगर चोरी हुई तो मुकदमा क्यों नहीं दर्ज कराए। इस पर सचिव बगलें झांकने लगा। 

गांव के ही शिकायतकर्ता विनोद कुमार यादव ने जिलाधिकारी को बताया था कि प्राथमिक विद्यालय विनायकपुर में टाइल्स, प्राथमिक विद्यालय बिंद्रावन में स्नानागार तथा इंटरलॉकिंग की सड़क का निर्माण कराए बिना लाखों रुपये की धनराशि का बंदरबांट कर लिया गया है। इसमें लापरवाही करने पर शनिवार को ही एडीओ पंचायत प्रेमचंद्र को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई थी।


डीएम के निर्देश पर अमृतपुर गांव में पहुंचे डीपीआरओ ब्रह्मचारी दुबे को इंटरलॉकिंग की सड़क मौके पर नहीं मिली। इसके बावजूद पंतायत सचिव सड़क चोरी होने की दलील देता रहा। नाराज डीपीआरओ ने पंचायत सचिव गुड्डू प्रसाद को चेतावनी दी कि अब तुम्हें जेल जाने से कोई नहीं बचा सकता। वहीं 171 शौचालय के निर्माण में भी खामियां मिलीं। 

 डीपीआरओ से पंचायत सचिव बार-बार यह कहता रहा कि सड़क बनाई गई थी, गांव के लोग ईट उठा ले गए हैं। यहां 171 शौचालयों का निर्माण कार्य की प्रगति शून्य होने पर डीपीआरओ ने पंचायत सचिव गुड्डू प्रसाद को चेतावनी दिया कि अब तुम्हें जेल जाने से कोई नहीं बचा सकता। 

डीपीआरओ ने चंदौली समाचार को बताया कि नौकरी जाने के डर से पंचायत सचिव ने घबराहट में इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कार्य 60% पूरा होना बताया था, लेकिन मौके पर कुछ नहीं था।

निरीक्षण के दौरान पंचायती राज विभाग के डीसी मनोज सिंह, एडीओ पंचायत प्रेमचंद, शिकायतकर्ता विनोद कुमार यादव के अलावा ग्राम प्रधान चंद्रशेखर यादव भी मौजूद थे।