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पेड़ के नीचे चलता है स्कूल, 53 बच्चों की कुंडली झोले में, ऐसा कुछ देखना है तो आइए नौगढ
प्राथमिक विद्यालय गोड़टुटवा में 13 साल पहले  भवन निर्माण के लिए शिक्षा विभाग ने धन का आवंटन किया। उसका नींव पूजन भी हुआ, लेकिन निर्माण नहीं हो सका। बिना भवन के इस स्कूल में तैनात शिक्षक 53  बच्चों की पूरी कुंडली लेकर झोले में टहल रहे हैं।
 
देखिए नौगढ़ के स्कूल का नजारा 
पेड़ के नीचे चलता है स्कूल
53 बच्चों की कुंडली झोले में
चंदौली जिले के नौगढ़ में बेसिक शिक्षा विभाग का एक स्कूल पेड़ के नीचे चल रहा है। एक सितंबर से प्राथमिक विद्यालय नियमित खुलने लगा  है। लेकिन एक ऐसा स्कूल, जिसे खोलने व नए सत्र के आगाज से कोई मतलब ही नहीं है। पिछले 13 सालों से यह प्राथमिक विद्यालय का नियमित संचालित हो रहा है, वह भी बिना भवन के और पेड़ के नीचे। इसके बारे में तो लोकल स्तर के जनप्रतिनिधि सोचते व देखते हैं और नही अफसर।

School Without Building

 आपको बता दें कि प्राथमिक विद्यालय गोड़टुटवा में 13 साल पहले  भवन निर्माण के लिए शिक्षा विभाग ने धन का आवंटन किया। उसका नींव पूजन भी हुआ, लेकिन निर्माण नहीं हो सका। बिना भवन के इस स्कूल में तैनात शिक्षक 53  बच्चों की पूरी कुंडली लेकर झोले में टहल रहे हैं। चकिया नौगढ़ मार्ग पर‌ पेड़ के नीचे, रोड के किनारे अध्यापक बच्चों को चटाई बिछाकर पढ़ाई कराते हैं! 

नौगढ़ के ग्राम पंचायत लौवारी कला अंतर्गत  गोड़टुटवा में  2008-09 में प्राथमिक  विद्यालय की स्थापना के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने 5.40 लाख  ग्राम शिक्षा निधि के खाते में भेजा था। तत्कालीन ग्राम प्रधान मंगरु राम ने विद्यालय निर्माण के लिए भूमि पूजन व शिलान्यास भी किया था, विद्यालय का निर्माण भी नहीं हुआ लेकिन खाते से 4 लाख रुपये भी निकाल लिए गए। भवन का निर्माण कराने हेतु प्रभारी  महेंद्र सिंह यादव को बनाया गया था, जो काफी पहले प्राथमिक विद्यालय बाधी से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। 

School Without Building

प्राथमिक विद्यालय गोड़टुटवा में इस समय  प्रधानाध्यापक पद पर रमाकांत जायसवाल की तैनाती है।  स्कूल में 53 बच्चे  हैं, जिनको विद्यालय का भवन तो दूर अन्य सुविधाएं भी नहीं मिल रहीं हैं। महज किताबें उपलब्ध करा दी गई हैं। 


एबीएसए अवधेश नारायण सिंह बोले


स्कूल में 53  बच्चे नामांकित हैं, जिन्हें पेड़ के नीचे बैठा कर पढ़ाये जाने की सूचना विभाग के पास है। खाते में 1.10 लाख रुपए अभी मौजूद है। शनिवार को बीएसए के द्वारा विद्यालय का निरीक्षण किया गया था।

ग्राम प्रधान यशवंत सिंह यादव बोले

विद्यालय का भवन निर्माण कराने हेतु शिक्षक संगठन के कुछ पदाधिकारी आगे आए, चंदा भी इकट्ठा हुआ। लेकिन लाखों रुपए कहां गया पता नहीं चला। मैंने एसडीएम, तहसीलदार और नौगढ़ में कार्यरत पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं के सहयोग से ईट मंगाकर दीवाल खड़ा कराया!  गांव के मजदूरों ने बिना पैसे लिए काम किया है। लेकिन अब छत डालने के लिए पैसे नहीं है। शिक्षा विभाग सहयोग नहीं कर रहा है।