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कालेश्वरनाथ से हाथ जोड़कर मांगी माफी और ट्रेन के आगे खड़ा हो गया शिवभक्त
अज्ञात व्यक्ति ट्रेन को आते देख पहले बाबा कालेश्वरनाथ को अपने दोनों हाथ जोड़कर प्रणाम करता है और फिर दोनों हाथ जोड़कर रेलवे ट्रैक के बीच में खड़ा हो जाता है और.......
 

अज्ञात व्यक्ति रेलवे ट्रैक पर की आत्महत्या 

तुलसीदास जी ने रामचरितमानस में लिखा है कि
"बड़े भाग्य मानुष तन पावा, सुर दुर्लभ सब ग्रंथन गावा"।

 इसका महत्व कुछ लोग समझ नहीं पाते हैं और छोटी-छोटी बातों पर लोग शारीरिक व मानसिक झंझावातों से आजिज आकर अपना अमूल्य मानव जीवन को पल भर में समाप्त कर देते हैं। आज की गयी इस आत्महत्या का तरीका सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे। 

यह ताजा मामला चंदौली जनपद के सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र के सकलडीहा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म के समीप बाबा कालेश्वर नाथ मंदिर के पीछे का है। एक अज्ञात व्यक्ति ट्रेन को आते देख पहले बाबा कालेश्वरनाथ को अपने दोनों हाथ जोड़कर प्रणाम करता है और फिर दोनों हाथ जोड़कर रेलवे ट्रैक के बीच में खड़ा हो जाता है और पलक झपकते ही उसकी इहलीला समाप्त हो जाती है। 


हालांकि इस दौरान आस पास के लोग उसकी हरकत देखकर उसे मना करने के लिए चिल्ला ही रहे थे कि तेजी से आ रही रेलगाड़ी से पल भर में सारी घटना घट गई।

बताया जा रहा है कि डाउन लाइन से विभूति एक्सप्रेस जा रही थी कि तभी एक अज्ञात व्यक्ति मंदिर की तरफ से आया और बाबा कालेश्वर नाथ को प्रणाम करते हुए हाथ जोड़कर रेलवे ट्रैक के बीच में ट्रेन को देखते ही खड़ा हो गया और ट्रेन तेज गति से आ रही ट्रेन उसे रौंदते हुए आगे चली गयी जिससे उसका शरीर कई टुकड़े में विभक्त हो गया। 

इसके बाद प्रत्यक्षदर्शियों ने स्टेशन मास्टर को बताया और घटना की सूचना जीआरपी दिलदारनगर को दी गई है। जीआरपी की टीम मौके पर पहुंच रही है। हालांकि खबर लिखे जाने तक मृतक का पहचान नहीं हो पायी । पुलिस के लोग शिनाख्त के प्रयास में जुटे है ।