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इतनी भी आसान नहीं है विनीत की हत्या की गुत्थी सुलझाना, और भी एंगल पर जांच
मां कालिका ढाबा के संचालक की सोमवार की दोपहर करीब एक बजे के आसपास फावड़े से मारकर नृशंस हत्या के मामले में पुलिस की टीम जांच पड़ताल के साथ साथ अपराधियों की धर पकड़ में जुट गयीं हैं।
 

 विनीत की हत्या का खुलासा करने में जुटी है तीन टीम 

कई एंगल पर हो रही जाँच 
 

चंदौली जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र के चदरखां के पास नेशनल हाईवे पर मां कालिका ढाबा के संचालक की सोमवार की दोपहर करीब एक बजे के आसपास फावड़े से मारकर नृशंस हत्या के मामले में पुलिस की टीम जांच पड़ताल के साथ साथ अपराधियों की धर पकड़ में जुट गयीं हैं। फिलहाल सारे शक की सुई ढ़ाबे के कर्मचारियों के आसपास घूम रही है।

हालांकि हत्या की सूचना पर एएसपी चिरंजीवी मुखर्जी, फॉरेंसिक व क्राइम ब्रांच की टीम पहुंच कर जांच पड़ताल की थी, लेकिन अभी तक घटना की कोई खास वजह का पता नहीं चल सकी है। मामला पैसे के लेन-देन या आशनायी का होने की आशंका जतायी जा रही है। पुलिस इन सभी एंगल पर जांच कर रही है।

अलीनगर थाना क्षेत्र के भरछा गांव के पूर्व प्रधान संतोष नारायण सिंह का मकान चंदरखा गांव के समीप नेशनल हाईवे के किनारे बना था और उसी में दो साल से सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र के भोजापुर गांव निवासी और वर्तमान में वाराणसी के सामने घाट स्थित गायत्री नगर कॉलोनी में रहने वाले विनीत सिंह (46) मां कालिका नाम से ढाबा और रेस्टोरेंट के नाम से अपना कारोबार चला रहे थे। 

सोमवार की सुबह करीब नौ बजे वह ढाबे पर पहुंचे थे और हर रोज की तरह कामकाज निपटाने की कोशिश कर रहे थे। फिर कब और कैसे हत्या हो गयी यही बात किसी को समझ में नहीं आ रही है।

बताया जा रहा है कि हर दिन की तरह सोमवार को भी ढाबा खुला था। मकान मालिक संतोष नारायण किसी कार्यवश ढाबे पर पहुंचे तो शांत माहौल देखकर वहां पर मौजूद एकमात्र कर्मचारी उज्ज्वल से विनीत सिंह के बारे में पूछा। इस पर उसने बताया कि वह ढाबे के अंदर हैं। जब संतोष सिंह ढाबे के अंदर पहुंचे तो वहां चौकी पर विनीत सिंह कंबल ओढ़े पड़ा हुआ दिखायी दिया। पहले उन्होंने सोचा कि विनीत सो रहा है..तो विनीत सिंह को जगाने के लिए कई बार आवाज लगाई। लेकिन तभी उनकी निगाह जमीन पर पड़े खून पर चली गई, तो वह कंबल उठा कर देखा तो वह मृत पड़ा हुआ था। उन्होंने तत्काल इस बात की सूचना अलीनगर पुलिस को दी। 

इसके बाद एएसपी चिरंजीवी मुखर्जी, सीओ सदर अनिल राय, अलीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह, क्राइम ब्रांच व फॉरेंसिक टीम के साथ पहुंचे। घटनास्थल पर खून से सना फावड़ा भी पड़ा था। पुलिस ने शव व फावड़े को कब्जे में ले लिया। उज्ज्वल को हिरासत में लेकर पुलिस जांच में जुट गई। मौके पर ढाबे में और कोई कर्मचारी नहीं मिला। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। 

Kalika Dhaba


इन लोगों पर ही पहला शक

अभी तक की जानकारी के हिसाब से ढाबा संचालक विनीत की हत्या के बाद शक की सुई ढ़ाबे पर काम करने वाले कर्मचारियों की ओर जा रही है। विनीत सिंह के ढाबे में चार कर्मचारी काम करते थे। इनमें दो दिन व दो रात में रहते थे। उज्ज्वल घटना के बाद ढाबे के बाहर बैठा था, बाकी सारे फरार हैं। फिलहाल पुलिस सबके बारे में पता लगा रही है। 


विनीत की किसी से कोई रंजिश नहीं

कहा जा रहा है कि ढाबा संचालक विनीत सिंह वाराणसी के सामने घाट स्थित गायत्री नगर कॉलोनी में मकान बनवाकर सपरिवार रहते थे। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार वह काफी हंसमुख व मिलनसार व्यक्ति थे। ऐसे कभी नहीं लगा कि उनका किसी से कोई बड़ा विवाद हुआ होगा, जिसमें हत्या भी हो सकती है। हालांकि सप्ताह में किसी न किसी दिन वे भोजापुर अपने पैतृक आवास जरूर जाते थे। 

वीडियो बयान जारी करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक चिरंजीवी मुखर्जी ने कहा है कि मामले में तीन टीमें काम कर रही हैं। मां कालिका ढाबा के संचालक की हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। अभी मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही असली कारण का पता चलेगा।