चकिया के हेतिमपुर में नदी किनारे धूप सेंकता दिखा विशालकाय मगरमच्छ, जागेश्वर नाथ मंदिर क्षेत्र में हाई अलर्ट

 

चंदौली की चंद्रप्रभा नदी में 12 फीट लंबा विशालकाय मगरमच्छ दिखने से ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में खौफ का माहौल है। बाबा जागेश्वर नाथ मंदिर के समीप हुई इस घटना के बाद वन विभाग को अलर्ट कर दिया गया है।

 
 
 चंद्रप्रभा नदी में विशालकाय मगरमच्छ दिखा
 जागेश्वर नाथ मंदिर के पास दहशत
 धूप सेंकता दिखा 12 फीट मगरमच्छ
वन विभाग को दी गई सूचना
 नदी किनारे जाने पर पाबंदी लगी

 चंदौली जिले में चकिया तहसील के अंतर्गत आने वाले हेतिमपुर गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब प्रसिद्ध बाबा जागेश्वर नाथ मंदिर के पास बहने वाली चंद्रप्रभा नदी में एक विशालकाय मगरमच्छ देखा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस मगरमच्छ की लंबाई लगभग 10 से 12 फीट है, जो नदी के ऊंचे किनारे पर आराम से धूप सेंकते हुए दिखाई दिया। बाबा जागेश्वर नाथ मंदिर एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है जहाँ प्रतिदिन भारी संख्या में श्रद्धालु स्नान करने और भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए पहुँचते हैं। नदी के इतने करीब विशाल शिकारी जीव की मौजूदगी ने यहाँ आने वाले दर्शनार्थियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

ग्रामीणों और किसानों में दिखा डर
 हेतिमपुर और आसपास के ग्रामीणों का कहना है कि यह विशाल मगरमच्छ पिछले दो से तीन दिनों से चंद्रप्रभा नदी के अलग-अलग हिस्सों में देखा जा रहा है। बार-बार मगरमच्छ के दिखाई देने से स्थानीय निवासियों की रातों की नींद उड़ गई है। सबसे अधिक चिंता उन किसानों और पशुपालकों को है जो अपने मवेशियों को पानी पिलाने के लिए नदी के तट पर ले जाते हैं। पशुओं को नदी में ले जाने वाले ग्रामीण अब काफी सहमे हुए नजर आ रहे हैं, क्योंकि मगरमच्छ की उपस्थिति कभी भी किसी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकती है। नदी के किनारे रहने वाले परिवारों को डर है कि कहीं यह हिंसक जीव आबादी वाले क्षेत्रों का रुख न कर ले।

वन विभाग ने किए सुरक्षा के कड़े इंतजाम
 मगरमच्छ के लगातार दिखाई देने के बाद ग्रामीणों ने बिना देरी किए इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों को दे दी है। लोगों ने क्षेत्र में तत्काल सुरक्षा इंतजाम करने और मगरमच्छ को रेस्क्यू कर किसी सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की मांग की है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यक कार्रवाई की तैयारी में जुटी है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने मुनादी करवाकर और स्थानीय स्तर पर लोगों को फिलहाल नदी के गहरे पानी में न जाने और तटों से दूर रहने की सख्त सलाह दी है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बढ़ाई गई सतर्कता
 चूँकि बाबा जागेश्वर नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का आवागमन निरंतर बना रहता है, इसलिए मंदिर प्रशासन और स्थानीय पुलिस भी अब अधिक सतर्क हो गई है। नदी में स्नान करने वाले लोगों को मगरमच्छ की मौजूदगी के प्रति जागरूक किया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को टाला जा सके। क्षेत्र में बढ़ती हुई गतिविधियों को देखते हुए पूरे इलाके में सतर्कता का स्तर बढ़ा दिया गया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि वन विभाग जल्द से जल्द पिंजरा लगाकर इस मगरमच्छ को पकड़े ताकि श्रद्धालु और ग्रामीण बिना किसी डर के नदी तट का उपयोग कर सकें और मंदिर में निर्भय होकर दर्शन कर सकें।