लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती पर भव्य आयोजन, 32 गांवों के 402 मेधावी छात्र सम्मानित

 

चंदौली के चकिया अंतर्गत सरैया गांव में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती पर भव्य मेधावी सम्मान समारोह-2026 आयोजित हुआ। कार्यक्रम में 32 गांवों के 402 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

 
 

अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती समारोह

32 गांवों के 402 विद्यार्थी हुए शामिल

क्षेत्राधिकारी रघुराज ने बढ़ाए बच्चों के हौसले

टॉपर छात्र-छात्राओं को मिली शैक्षिक किट

बालिका शिक्षा और सशक्तिकरण पर विशेष जोर

चंदौली जिले की चकिया तहसील के अंतर्गत सरैया गांव स्थित पंचायत भवन परिसर में शनिवार को लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती के पावन अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 'लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर मेधावी सम्मान समारोह-2026' के नाम से आयोजित इस विशेष उत्सव का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देना और प्रतिभावान बच्चों को एक बेहतर मंच प्रदान करना था। इस प्रेरणादायक समारोह में कुल 32 गांवों के 402 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

अतिथियों ने किया शुभारंभ, 32 मेधावी बच्चे हुए पुरस्कृत
इस गौरवशाली समारोह का आरंभ मुख्य अतिथि पुलिस क्षेत्राधिकारी रघुराज, विशिष्ट अतिथि प्रख्यात समाजसेवी डॉ. प्रिया रघुराज, उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी चंदौली डॉ. रंजीत पाल तथा खंड शिक्षा अधिकारी चकिया अजीत पाल ने दीप प्रज्वलित कर और लोकमाता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। कार्यक्रम के दौरान अपनी कक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 32 मेधावी विद्यार्थियों को मेडल, प्रमाण पत्र एवं विशेष शैक्षिक किट देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले मुख्य छात्रों में सृष्टि मौर्य, संस्कार यादव, सौम्या मौर्य, हर्ष पाल, श्याम सुंदर पाल, दिव्यांशी जायसवाल, अनुज मौर्य, प्रतीक मौर्य, रूबी पाल, आंशिक प्रजापति, इरम अंसारी, किट्टू और अभि पाल शामिल रहे।

मुख्य अतिथि ने दिए सफलता के मूलमंत्र
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि क्षेत्राधिकारी रघुराज ने प्रसिद्ध गीत "नन्हे मुन्ने बच्चों तेरी मुट्ठी में क्या है" की पंक्तियों से बच्चों में जोश भरा। उन्होंने कहा कि हमारे देश का उज्जवल भविष्य इन्हीं नौनिहालों के हाथों में सुरक्षित है। क्षेत्राधिकारी ने विद्यार्थियों को नियमित स्वाध्याय, बेहतर समय प्रबंधन और स्मरण शक्ति विकसित करने की मूल्यवान सलाह दी। उन्होंने प्रशासनिक सेवाओं, पुलिस, चिकित्सा और शिक्षा जैसे प्रतिष्ठित क्षेत्रों की राह बताते हुए बच्चों को उच्च लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया और भविष्य में हर संभव सहयोग देने का वादा किया।

बालिका शिक्षा और कौशल विकास पर रहा विशेष जोर
विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रिया रघुराज ने बच्चों के साथ उनके माता-पिता के त्याग और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज से लगभग 300 वर्ष पहले लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने नारी शक्ति को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाया था, इसलिए आज भी समाज को मिलकर बेटियों की शिक्षा के लिए प्रयास करने होंगे। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी अजीत पाल ने इस आयोजन को अनुकरणीय बताते हुए कहा कि इससे ग्रामीण बच्चों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ती है। उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजीत पाल ने रोजगारपरक शिक्षा और कौशल विकास (स्कील डेवलपमेंट) को वर्तमान समय की असली जरूरत बताया।

इस पूरे गरिमामयी कार्यक्रम का कुशल संचालन नंदलाल शास्त्री द्वारा किया गया। समारोह के अंतिम चरण में कार्यक्रम के मुख्य संयोजक प्रदीप पाल ने उपस्थित सभी सम्मानित अतिथियों, दूर-दराज से आए अभिभावकों, ग्रामवासियों और प्यारे विद्यार्थियों के प्रति दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने संकल्प लेते हुए कहा कि ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे प्रेरणादायक आयोजन भविष्य में भी लगातार जारी रखे जाएंगे। इस गौरवशाली पल के गवाह ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजकुमार पाल, राधेश्याम, डॉ. रामबिलास पाल, एडवोकेट रिंकू विश्वकर्मा, नीलम पाल, एडवोकेट रामविलास, रमेश मौर्य, चंदन सेठ समेत भारी संख्या में गणमान्य नागरिक बने।